UP News: छह घंटे तक धरने पर बैठीं राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे का विरोध, जांच के आश्वासन पर मानीं
उत्तर प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला कार्यकर्ताओं पर दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे के विरोध में अकबरपुर थाने में छह घंटे तक धरने पर बैठी रहीं। उन्होंने कोतवाल और चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग की। अधिकारियों के जांच के आश्वासन पर उन्होंने धरना खत्म किया और मांग पूरी न होने पर फिर से धरने की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। अकबरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के बदलापुर गांव में आरसीसी सड़क निर्माण को लेकर उपजा विवाद गुरुवार को धरने तक पहुंच गया।
कार्यकर्ताओं पर हुए एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे के विरोध में महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला गुरुवार दोपहर पौने तीन बजे अकबरपुर थाने में धरने पर बैठ गईं और कोतवाल व चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग की रख दी।
डीएम-एसपी समेत अन्य अधिकारियों के समझाने के बाद भी रात तक मामला सुलझ नहीं सका और वह धरने पर डटी रहीं। वहीं देर शाम पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी भी आ गए और धरने पर बैठ गए।
यह है पूरा मामला
अकबरपुर क्षेत्र के बदलापुर गांव में करीब 25 वर्षों से बदहाल सड़क का निर्माण विधायक निधि से कराया जा रहा है। दो दिन पूर्व वहां के सभासद शमसाद ने काम रुकवा दिया था, जिसके बाद उत्पन्न हुए विवाद में सभासद पर सरकारी कार्य में बाधा डालने व रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं, गुरुवार को सभासद के समर्थक गांव के ही बाबूराम गौतम ने मंत्री समर्थक अबरार, मो. यूसुफ, असलम, यासिर व शिवा पांडेय पर एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया कि आपस में चर्चा होने पर उसने सही बात रखी तो उसे जातिसूचक शब्द कहे।
कार्यकर्ताओं पर हुए मुकदमे के विरोध में गुरुवार दोपहर करीब 2:45 पर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला कार्यकर्ताओं संग अकबरपुर थाने पहुंच गईं और कोतवाल सतीश सिंह व लालपुर चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग को लेकर थाने के मुख्यद्वार पर धरने पर बैठ गईं।
करीब 70-80 कार्यकर्ताओं के साथ वहीं डट गईं। सीओ प्रिया सिंह ने उनसे वार्ता कर कार्यालय में बैठने की गुजारिश, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। वहीं अपराह्न साढ़े तीन बजे के करीब एएसपी राजेश पांडेय पहुंचे, जिसके आधे घंटे बाद एसपी अरविंद मिश्रा अकबरपुर थाने पहुंचे।
उन्होंने राज्यमंत्री से धरनास्थल से उठकर कार्यालय में बैठकर वार्ता करने की बात कही, जिस पर राज्यमंत्री ने मना कर दिया और कहा कि जो भी बात करनी है यहीं करें। हम शांतिप्रिय लोग हैं, आप कोतवाल व चौकी इंचार्ज को हटा दें, हम शांति से वापस चले जाएंगे। डीएम आलोक कुमार सिंह भी आए, लेकिन बात नहीं बन सकी।
वहीं, रात आठ बजे तक मामला नहीं सुलझ सका। वहीं साढ़े सात बजे के करीब पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी भी कार्यकर्ताओं के साथ अकबरपुर थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। लेकिन रात करीब आठ बजे तक मामला न सुलझने पर राज्यमंत्री धरनास्थल पर ही डटी रहीं।
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