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    सीएम योगी के जमीन कब्जा मुक्त कराने के दावे पर अखिलेश ने उठाए सवाल, जिलेवार लिस्ट जारी करने की मांग

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 09:48 PM (IST)

    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 64 हजार एकड़ जमीन कब्जा मुक्त कराने के दावे पर सवाल उठाया है। उन्होंने सीएम से इस दावे की विश ...और पढ़ें

    सीएम योगी के जमीन मुक्त कराने के दावे पर अखिलेश ने उठाया सवाल।

    सीएम योगी के जमीन मुक्त कराने के दावे पर अखिलेश ने उठाया सवाल।

    HighLights

    1. योगी के 64 हजार एकड़ जमीन मुक्त कराने के दावे पर सवाल।

    2. अखिलेश ने दावे की पुष्टि के लिए जिलेवार सूची मांगी।

    3. अयोध्या मंदिर चोरी मामले में SIT रिपोर्ट को लीपापोती बताया।

    राज्य ब्यूराे, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बांदा में आयोजित कार्यक्रम में 64 हजार एकड़ जमीन कब्जा मुक्त कराने संबंधी बयान पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाया है।

    सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री के बयान की वीडियो क्लिप एक्स पर पोस्ट कर लिखा, कृपया अपने बयान की विश्वसनीयता सिद्ध करने के लिए, आप अपने द्वारा खाली कराई गई ‘तथाकथित 64000 एकड़’ जमीन के क्षेत्रफल और भू-लेखा विवरण की जिलेवार सूची भी जारी करें।

    अयोध्या के मंदिर में चोरी के बाद, आपने झूठ-मूठ की एसआईटी बनाकर और उससे मनमानी रिपोर्ट लिखवाकर जो लीपापोती की है, उससे आपके कथन-वचन से समाज का विश्वास पूरी तरह उठ गया है।

    वहीं गुरुवार को पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं की बैठक में सपा प्रमुख ने कहा, भगवान के नाम पर राजनीति करने वालों की सच्चाई अब जनता के सामने आ चुकी है। भाजपा को अब अपना नाम बदलकर ‘भाचपा‘ (भारतीय चोर पार्टी) कर लेना चाहिए, क्योंकि भगवान के नाम पर भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं।

    सपा प्रमुख ने मेरठ में हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में पुलिस का दुरुपयोग हो रहा है। निर्दोष लोगों के साथ अत्याचार और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।

    वहीं उन्होंने महिला आरक्षण के समर्थन की बात दोहराते हुए कहा कि सपा महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन जैसी जैसी प्रक्रियाओं से जोड़ने का विरोध करती है।

    वहीं एक्स पर एक अन्य पाेस्ट में चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर निशाना साधा। लिखा, ये कैसी पाबंदी है कि आरोपियों का स्वागत पुलिस दरवाज़ा खोलके कर रही है। ⁠जिसका नाम अंतरिम रिपोर्ट में नहीं है, उसका अंतिम में कैसे होगा। उन्होंने पूरे ट्रस्ट को भी भंग करने की मांग उठाई है।

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