Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    रायबरेली में बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में बड़ा फर्जीवाड़ा, 48 के खिलाफ केस

    By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 02:35 PM (IST)

    Fraud in Loan Case :  लोगों ने वेतन प्रमाणपत्र के साथ ही पे-स्लिप, आधार और पैन कार्ड भी फर्जी लगाया और 2024-25 में 9.2 करोड़ का फर्जी लोन स्वीकृत करा ...और पढ़ें

    video thumbnail

    जागरण संवाददाता, रायबरेली: बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में लोन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां पर बैंक कर्मियों की मिली भगत से खाताधारकों ने जाली दस्तावेज लगाकर लोगों को 9.2 करोड़ का लोन लिया। इन खाता धारकों ने 13 से लेकर 20 लाख रुपये तक लोन कराया है।

    पहले तो लोग किस्त जमा कर रहे थे, लेकिन जैसे ही बैंक में पैसा आना बंद होने लगा तो खलबली मची। इस प्रकरण में 48 खाताधारकों के खिलाफ केस दर्ज कर किया गया है। पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह ने भी टीमें गठित कर दी हैं और पहचान छुपाकर लोन लेने वालों को पकड़ने की तैयारी की जा रही है।
    शहर में बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा के साथ अन्य ब्रांच से लोगों ने पहचान छुपाकर कई तरह का लोन लिया। इन लोगों ने वेतन प्रमाणपत्र के साथ ही पे-स्लिप, आधार और पैन कार्ड भी फर्जी लगाया और 2024-25 में 9.2 करोड़ का फर्जी लोन स्वीकृत करा लिया। इस प्रकरण में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका पर मुख्य प्रबंधक मुकेश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

    फर्जीवाड़ा पकड़ में आया तो बंद कर दीं किस्तें

    बैंक आफ बड़ौदा में पहचान छिपाकर लोन लेने के बाद लोग किस्तें भी जमा कर रहे थे। तीन माह पहले बैंक अधिकारियों की जांच में यह मामला पकड़ में आया तो खाताधारकों ने किस्तें जमा करना बंद कर दिया था। बैंक की आडिट में तीन माह पहले ही बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। जांच में बछरावां, शहर, डलमऊ, नसीराबाद, सलोन शाखाओं के 48 खाता धारकों के पहचान छिपाकर या गलत पहचान लगाकर लोन लेने की बात सामने आई।

    सोमवार की रात बैंक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। इस फर्जीवाड़े में बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। विवेचना अधिकारी की ओर से बैंक अधिकारियों से लोन की प्रक्रिया, पूरी जानकारी, सारे दस्तावेज मांगे गए। पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है, फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

    बिना मिली भगत स‍ंभव नहीं फर्जीवाड़ा

    पर्सनल लोन लेने के लिए खाताधारक के खाते में कम से कम तीन माह तक वेतन या मानदेय आना अनिवार्य है। इसके अलावा लोन लेने वालों ने कई कागजात भी दिए होंगे। बैंक अधिकारियों ने इसकी जांच के बाद ही लोन स्वीकृत हुआ होगा। इस प्रक्रिया के बाद भी फर्जीवाड़ा होना हैरत करने वाला है।