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    छात्रों की मानसिक सेहत के लिए बनेगा काउंसिलिंग नेटवर्क, क्या है हब एंड स्पोक मॉडल?

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 06:10 PM (IST)

    UP News | Lucknow News | (CBSE 2025-2026) सीबीएसई सत्र 2025-26 से काउंसिलिंग के लिए हब एंड स्पोक मॉडल लागू करेगा। हब स्कूल केंद्रीय बिंदु होगा और स्पोक स्कूल सहायक होंगे। स्पोक स्कूल हर महीने की पांच तारीख को हब स्कूल को रिपोर्ट देंगे। प्रधानाचार्य और स्कूल प्रमुख नेतृत्व करेंगे। सीबीएसई सचिव ने कहा कि यह एनईपी 2020 के अनुरूप है।

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    छात्रों की मानसिक सेहत के लिए बनेगा काउंसिलिंग नेटवर्क।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। छात्रों की मानसिक सेहत और परामर्श को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक नई पहल शुरू की है। सत्र 2025-26 से सीबीएसई काउंसिलिंग हब एंड स्पोक स्कूल माडल लागू करेगा।

    इस माडल में हब स्कूल एक केंद्र बिंदु की तरह काम करेगा और उससे जुड़े स्पोक स्कूल उसके सहायक होंगे। हब स्कूल परामर्श और वेलनेस गतिविधियों का मुख्य केंद्र होगा, जबकि स्पोक स्कूल वहां से सहयोग लेकर अपने छात्रों तक सेवाएं पहुंचाएंगे।

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    प्रदेश में एक तरफ बेसिक शिक्षा विभाग कम नामांकन वाले विद्यालयों को पास के बड़े विद्यालयों से जोड़कर संसाधनों के साझा उपयोग पर काम कर रहा है। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग भी राजकीय इंटर कालेजों को हब एंड स्पोक माडल से जोड़ रहा है।

    अब सीबीएसई ने इसे मानसिक स्वास्थ्य और काउंसिलिंग से जोड़ा है। इस माडल के तहत हर महीने की पांच तारीख को स्पोक स्कूल अपनी रिपोर्ट हब स्कूल को देंगे और हब स्कूल इसे संकलित कर सीबीएसई को भेजेगा।

    इसका प्रधानाचार्य और स्कूल प्रमुख नेतृत्व करेंगे, जबकि काउंसलर और वेलनेस टीचर गतिविधियां संचालित करेंगे। सीबीएसई सचिव हिमांशु गुप्ता ने कहा कि यह माडल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप है और इससे छात्रों को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण काउंसिलिंग मिल सकेगी। सीबीएसई स्कूल सहोदय की सेक्रेटरी डा. प्रेरणा मित्रा ने कहा कि यह पहल छात्रों के लिए बेहद उपयोगी होगी और उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।

    ये है हब एंड स्पोक मॉडल

    हब स्कूल ऐसे प्रमुख स्कूल, जहां परामर्श और वेलनेस गतविधियो की जिम्मेदारी ज्यादा होगी। हब स्कूल से जुड़े अन्य स्कूल वहां से सहयोग व मार्गदर्शन लेकर गतिविधियां चलाएंगे। एक तरह से ऐसे हब स्कूल सेंटर प्वाइंट की तरह काम करेंगे, उससे जुड़े स्पोक स्कूल उसके सहायक होंगे।

    हब स्कूल से जुड़े अन्य स्कूल, जो वहां से सहयोग व मार्गदर्शन लेकर गतिविधियां चलाएंगे। छात्रों को समय पर और सुलभ काउंसिलिंग मिलेगी। हब और स्पोक स्कूल मिलकर साझा गतिविधियां करेंगे, जिससे विद्यार्थियों की आपसी सीख बढ़ेगी।