बिजली बिल होगा जीरो! PM सूर्य घर योजना में लखनऊ नंबर- 1; लोग ताबड़तोड़ लगा रहे हैं Solar Panel
लखनऊ में पीएम सूर्य घर योजना को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है जिससे यह रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में शीर्ष शहरों में शामिल हो गया है। छह महीनों में 32230 आवेदन प्राप्त हुए और 17717 इंस्टॉलेशन हुए जिसका कारण सब्सिडी और बिजली बिलों में कमी है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अनुसार जागरूकता और सरकारी समर्थन के कारण उपभोक्ताओं को लाभ हो रहा है।

अंशू दीक्षित लखनऊ। पीएम सूर्य घर योजना, लखनऊ के लोगों को खूब पसंद आ रही है। पिछले छह माह के रिकार्ड पर नजर दौड़ाए तो यूपी के लखनऊ जिले ने गुजरात के कई जिलों को पीछे छोड़ दिया है।
भारत के टाप टेन शहरों में उत्तर प्रदेश का लखनऊ रूफ टाप सोलर (आरटीएस) के मामले में नंबर एक पर पहुंच गया है। वहीं वाराणसी दसवें नंबर है। गुजरात का सूरत दूसरे नंबर पर है और महाराष्ट्र का नागपुर तीसरे नंबर पर।
फिर चौथे, पांचवे व छठे नंबर पर गुजरात के ही अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा है। पीएम सूर्य घर योजना की जारी सूची में केरल का एमाकुलम सातवें स्थान पर, राजस्थान का जयपुर आठवें, महाराष्ट्र का जलगांव नौवें नंबर पर है।
लखनऊ में छह माह के भीतर 32,230 लोगों ने आरटीएस के लिए आवेदन किया और 17,717 लोगों ने रूफ टाप सोलर लगवाकर सब्सिडी का लाभ भी ले लिया। खातों में सब्सिडी का पैसा आने की रफ्तार तेज होने के साथ ही आरटीएस से बिजली का उत्पादन ने लोगों के घर का बजट संतुलित कर दिया है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में पीएम सूर्य घर योजना देख रहे अधिशासी अभियंता जेपी शर्मा कहते हैं कि बिजली उपभोक्ताओं में जागरूकता आई। क्योंकि जो लागत लग रही है, उसका अधिकांश भाग सब्सिडी के रूप में उपभोक्ता के खाते में पहुंच जा रहा है।
इसके अलावा आरटीएस प्रतिदिन कई यूनिट बिजली बनाकर घर की बिजली सत्तर से अस्सी प्रतिशत मुफ्त कर दी है। लखनऊ में वर्ष 2024-25 में 23,498 उपभोक्ताओं ने रूफ टाफ सोलर लगवाया। वहीं वर्ष 2025-26 में छह माह (मार्च से अगस्त) के भीतर आंकड़ा 17,717 पहुंच गया है, अभी साल के छह माह बाकी हैं।
अगर मध्यांचल के 19 जिलों की बात करे तो घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 86,24,696 है। इसमें सरकार ने साढ़े पांच लाख घरों में आरटीएस लगाने का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक रखा है। इससे पहले ही लक्ष्य सवा तीन लाख पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के दक्षिणंचल, पूर्वांचल, पश्चिमांचल और मध्यांचल में मध्यांचल नंबर एक पर है।
सब्सिडी मिलने से पहले लखनऊ में आरटीएस का ग्राफ
वर्ष | आवासीय कनेक्शन (RTS) |
---|---|
2019 | 598 |
2020 | 1,408 |
2021 | 1,953 |
2022 | 1,842 |
2023 | 2,798 |
2024 | 1,493 |
**कुल** | **10,092** |
(नोट : यह रूफ टाप सोलर की संख्या सब्सिडी मिलने से पहले की है, उस समय केंद्र सरकार ही सब्सिडी सिर्फ देती थी।)
कुछ इस तरह मिल रही है सब्सिडी
किलोवाट | केंद्र (सब्सिडी) | राज्य (सब्सिडी) | कुल लागत |
---|---|---|---|
एक | 30 हजार | 15 हजार | 60 हजार |
दो | 60 हजार | 30 हजार | 1 लाख 20 हजार |
तीन | 78 हजार | 30 हजार | 1 लाख 80 हजार |
चार | 78 हजार | 30 हजार | 2 लाख 40 हजार |
पांच | 78 हजार | 30 हजार | 3 लाख |
छह | 78 हजार | 30 हजार | 3 लाख 60 हजार |
सात | 78 हजार | 30 हजार | 4 लाख 20 हजार |
आठ | 78 हजार | 30 हजार | 4 लाख 80 हजार |
नौ | 78 हजार | 30 हजार | 5 लाख 40 हजार |
दस | 78 हजार | 30 हजार | 6 लाख |
(नोट : यह जानकारी बिजली विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई है।)
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