Bijli Bill: अगस्त में आएगा बिजली का तगड़ा बिल, 2.34% अतिरिक्त धनराशि वसूली जाएगी; क्या है वजह?
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। बिजली कंपनियां जून महीने का ईंधन अधिभार अगस्त के बिल के साथ जोड़कर वसूलेंगी जिसका असर सितंबर के बिलों पर दिखेगा। इस वजह से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मांग की है कि कंपनियों को उपभोक्ताओं की सरप्लस धनराशि से ईंधन अधिभार का समायोजन करना चाहिए।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जून महीने का ईंधन अधिभार शुल्क बिजली कंपनियां अगस्त महीने के बिल के साथ वसूल करेंगी। अगस्त माह का बिल जो सितंबर में उपभोक्ताओं के पास पहुंचेगा उसमें 2.34 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुक्ल जुड़ा रहेगा।इस महीने इस शुल्क के रूप में बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं से कुल लगभग 184.41 करोड़ रुपये अधिक वसूल करेंगी।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 33,122 करोड़ रुपये सरप्लस निकल रहा है। ऐसे में ईंधन अधिभार शुल्क की धनराशि को बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं की सरप्लस धनराशि से घटा लें।
जब बिजली दरों में कमी की जाए उस समय ईंधन अधिभार उपभोक्ताओं से लिया जाए। यही न्याय होगा। उन्होंने बताया है कि जून महीने का ईंधन अधिभार शुल्क 2.34 प्रतिशत सितंबर में उपभोक्ताओं को मिलने वाले बिजली बिल में शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने बताया है कि जुलाई महीने का ईंधन अधिभार शुल्क कुछ कम रहने के संकेत हैं। गौरतलब है कि मई महीनें का ईंधन अधिभार शुल्क जिसे बिजली कंपनियां इस महीने (अगस्त) में उपभोक्ताओं से वसूल कर रही हैं वह महज 0.24 प्रतिशत है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।