मार्च में अप्रैल जैसी तपिश, लखनऊ में दिन का पारा 35 डिग्री सेल्सियस; यूपी के ये 5 जिले रहे सबसे गर्म
राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी और पश्चिमी यूपी में गर्मी बढ़ गई है, मार्च में ही तापमान अप्रैल जैसा महसूस हो रहा है। लखनऊ में दिन का पारा पहली बार 35 डिग्री ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी समेत पूर्वी एवं पश्चिमी यूपी में गर्मी के तेवर अब तल्ख होने लगे हैं। मार्च में अप्रैल जैसी तपिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर की तेज धूप से बचने के लिए लोग अब घरों से निकलने से कतराने लगे हैं। सड़कों पर छतरी या गमछे लेकर बाहर निकल रहे हैं। लखनऊ में पहली बार दिन का पारा 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग आठ डिग्री सेल्सियस उछाल के साथ 21.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले तीन-चार दिनों तक गर्मी से कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
मंगलवार को लखनऊ में दिन का पारा 35 पार और रात का 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, सोमवार को बांदा में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक और सामान्य से छह डिग्री अधिक है।। झांसी, आगरा, उरई और प्रयागराज में भी दिन का पारा 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
इसके अलावा दर्जनभर जिलों में तापमान सामान्य से चार-आठ डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। वाराणसी और आसपास कुछ जिलों में सुबह के समय धुंध रही। उन्होंने बताया कि 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के पूर्वानुमान हैं, जिससे तराई और पूर्वांचल में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। हालांकि, उसके बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस वृद्धि की संभावना है।
सर्वाधिक अधिकतम तापमान वाले पांच जिले
बांदा- 38.4 डिग्री सेल्सियस
झांसी- 37.9 डिग्री सेल्सियस
आगरा - 37.3 डिग्री सेल्सियस
उरई- 36.8 डिग्री सेल्सियस
प्रयागराज - 36.2 डिग्री सेल्सियस
बच्चों और बुजुर्गों का अधिक ध्यान रखें
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में जनरल मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष एवं सीएमएस प्रो. विक्रम सिंह के मुताबिक, जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ता है। इस दौरान लापरवाही बरतने से डिहाइड्रेशन, वायरल और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ का सेवन करें। ताजा एवं भोजन करें। सुबह तेज धूप निकलने से पहले टहलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। मौसमी फल का सेवन करें। अभी कुछ दिन एसी का प्रयोग न करें, यदि जरूरी है तो 26-27 डिग्री सेल्सियस तापमान रखें। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का अधिक ध्यान रखें, क्योंकि कमजोर इम्युनिटी के चलते ऐसे लोग जल्दी बीमार पड़ते हैं।
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