Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Lucknow News: बिहार से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले चार गिरफ्तार, सरगना की तलाश

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 10:32 PM (IST)

    एसटीएफ लखनऊ ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो करोड़ रुपये के इंजेक्शन बरामद हुए हैं। एएसपी लाल प्रताप सिंह के अनुसार तस्कर बिहार से इंजेक्शन मंगवाते थे और लखनऊ समेत आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे। वे इंजेक्शन में मिलावट भी करते थे जिसकी जांच की जा रही है।

    Hero Image
    बिहार से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले चार गिरफ्तार (गिरफ्तार आरोपी जागरण फोटो)

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। बिहार के गया से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और पश्चिम के जिलों में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले गिरोह के चार तस्करों को एसटीएफ ने शनिवार को पारा इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    तस्करों के पास से दो करोड़ रुपये की कीमत का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुआ है। एसटीएफ के एएसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

    एएसपी ने बताया कि शुक्रवार देर रात बुद्धेश्वर चौराहे के पास मोहान रोड से सदरौना रोड की तरफ सरकारी विद्यालय के पास एक मकान में छापा मारकर ठाकुर इरफान, रहीमाबाद के दिलदार, लखीमपुर खीरी के शाहनवाज और रायबरेली के मो. साहेब को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से पांच-पांच लीटर के 20 गैलन आक्सीटोसिन, 39 बोरियों में ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन बरामद किए गए है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इसके अलावा, 35 किलो नमक, एक डाला, एक कार, पांच मोबाइल और 16,500 रुपये बरामद हुए हैं। एएसपी के मुताबिक बरामद ऑक्सीटोसिन की कीमत दो करोड़ रुपये है।

    पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन ऑन डिमांड लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई करते हैं।

    उन्होंने बताया कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन में फिनाइल और एक अन्य तरल की मिलावट करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इंजेक्शन में फिनाइल मिलाना खतरनाक हो सकता है। इसलिए बरामद इंजेक्शन के नमूने को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।

    मिनरल वाटर के नाम पर पार्सल से मंगवाते थे ऑक्सीटोसिन

    एएसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह बिहार से हाई डेंसिटी के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पार्सल से मंगाता है। पार्सल में वह जानकारी देते हैं कि मिनरल वाटर है।

    तस्कर आवश्यकतानुसार अलग-अलग साइज के एम्पुल में पैक करके उसकी सप्लाई करते हैं। उन्होंने बताया कि पशुओं से अधिक दूध निकालने के लिए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की मांग की जाती है।

    इसके अलावा, सब्जियों और फलों को कम समय में अधिक विकसित करने के लिए भी ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल किया जाता है।

    कानपुर में बैठा गिरोह का सगरना

    एएसपी ने बताया कि गिरोह के सरगना कानपुर निवासी इलियास की तलाश में टीम लगी हुई है। उसका साथी लखनऊ का रहने वाला असफाक है। दोनों की तलाश में अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।