Updated: Fri, 29 Aug 2025 11:16 PM (IST)
उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही दिक्कतों पर एक रिपोर्ट सरकार को भेजेगा। कार्मिक विभाग के साथ बैठक में जाति प्रमाण पत्रों की वैधता और जारी करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। आयोग ने जनसुनवाई में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के जाति प्रमाणपत्र बनने में आ रही कठिनाइयों पर उप्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगा। कार्मिक विभाग के साथ बैठक के बाद आयोग ने यह निर्णय लिया है। आयोग ने 30 प्रकरणों की जनसुनवाई भी की।
विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
शुक्रवार को आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने इंदिरा भवन स्थित कार्यालय में कार्मिक विभाग के विशेष सचिव के साथ बैठक की। अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाणपत्र की वैधता व निर्गमन प्रक्रिया और प्रमाणपत्र जारी करने में आ रही कठिनाइयों पर विचार-विमर्श किया गया।
अध्यक्ष ने कहा कि इसको लेकर जल्द विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान रमेश सिंह व दिनेश कुमार के सेवानिवृत्ति देयकों के भुगतान से संबंधित मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारियों के उपस्थित न होने पर आयोग ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और प्रमुख सचिव सहकारिता को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
सीतापुर की उमा देवी के गांव की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में एसडीएम सिधौली की लापरवाही को गंभीर मानते हुए नियुक्ति विभाग को अवगत कराने का निर्णय लिया गया।
लखनऊ निवासी सुधा सिंह के पति स्व. आनंद कुमार सिंह के सेवानिवृत्ति देयकों का भुगतान न होने के प्रकरण में भी नगर विकास विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर असंतोष जताया गया।
अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि भविष्य में सुनवाई के दौरान सक्षम अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।