बिहार से ट्रेन के जरिए ऐसी क्या चीज लाते थे ये लोग, जो STF पीछे पड़ गए; चार को किया गिरफ्तार
एसटीएफ लखनऊ ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पारा इलाके से चार तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं जिनके पास से दो करोड़ रुपये के इंजेक्शन बरामद हुए हैं। गिरोह बिहार से इंजेक्शन मंगवाकर लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। इंजेक्शन में मिलावट भी की जाती थी। गिरोह के सरगना और अन्य साथियों की तलाश जारी है।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। बिहार से पूर्वांचल और पश्चिम के जिलों में आक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले गिरोह के चार तस्करों को एसटीएफ ने शनिवार को पारा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। तस्करों के पास से दो करोड़ रुपये की कीमत का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुआ है। एसटीएफ के एएसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर ठाकुर इरफान, रहीमाबाद के दिलदार, लखीमपुर खीरी के शाहनवाज और रायबरेली के मो. साहेब को गिरफ्तार किया गया है। तस्करों के पास से पांच-पांच लीटर के 20 गैलन ऑक्सीटोसिन, 39 बोरियों में ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन बरामद किए गए।
इसके अलावा, 35 किलो नमक, एक डाला, एक कार, पांच मोबाइल और 16500 रुपये बरामद किए गए। एएसपी के मुताबिक बरामद आक्सीटोसिन की कीमत दो करोड़ रुपये है। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे आक्सीटोसिन इंजेक्शन ऑन डिमांड लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई करते हैं।
उन्होंने बताया कि आक्सीटोसिन इंजेक्शन में फिनाइल और एक अन्य तरल की मिलावट करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इंजेक्शन में फिनाइल मिलाना खतरनाक हो सकता है। इसलिए बरामद इंजेक्शन के नमूने को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। इस मामले में बिहार से आक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी यूपी में की जा रही थी।
टीम ने गिरोह के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की और शुक्रवार देर रात को पारा इलाके के बुद्धेश्वर चौराहे के पास मोहान रोड से सदरौना रोड की तरफ सरकारी विद्यालय के पास एक मकान में छापा मारा। जांच में पता चला कि यहां पर जहरीले आक्सीटोसिन की पैकिंग कर तस्करी की जा रही थी।
मिनरल वाटर के नाम पर पार्सल से मंगवाते थे आक्सीटोसिन
एएसपी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि गिरोह बिहार से हाई डेंसिटी के आक्सीटोसिन इंजेक्शन पार्सल से मंगाता है। पार्सल में वह जानकारी देते हैं कि मिनरल वाटर है।
तस्कर आवश्यकतानुसार अलग-अलग साइज के एम्पुल में पैक करके उसकी सप्लाई करते हैं। उन्होंने बताया कि पशुओं से अधिक दूध निकालने के लिए आक्सीटोसिन इंजेक्शन की मांग की जाती है। इसके अलावा, सब्जियों और फलों को कम समय में अधिक विकसित करने के लिए भी आक्सीटोसिन इंजेक्शन की मांग है।
कानपुर में बैठा गिरोह का सगरना
एएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना कानपुर निवासी इलियास की तलाश में टीम लगी हुई है। वह पूर्वांचल और पश्चिम के जिलों में इसकी खपत पूरी करता है। इस मामले में इलियास का साथी लखनऊ का रहने वाला असफाक है। दोनों की तलाश में अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। दोनों के पकड़े जाने के बाद गिरोह टूट जाएगा, जिससे इस पर लगाम लगेगी।
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