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    कसमंडी कलां के विवाद को अखिलेश यादव के संज्ञान में लाएंगे सांसद चौधरी, सूरज पासी ने की मुलाकात

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 05:46 AM (IST)

    सांसद आरके चौधरी मलिहाबाद के कसमंडी कलां में उपजे विवाद को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के संज्ञान में लाएंगे। उन्होंने लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज ...और पढ़ें

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    कसमंडी कलां के विवाद को सपा प्रमुख के संज्ञान में लाएंगे सांसद चौधरी।

    HighLights

    1. सांसद आरके चौधरी कसमंडी कलां विवाद पर अखिलेश से मिलेंगे।

    2. सूरज पासी ने ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण का ज्ञापन सौंपा।

    3. राजपासी राजा कंस के किले को विरासत स्थल घोषित करने की मांग।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। मोहनलालगंज से सांसद आरके चौधरी ने कहा कि वह मलिहाबाद के कसमंडी कलां में दो ढांचों को लेकर उपजे विवाद को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के संज्ञान में लाएंगे और जो कुछ उचित होगा, वो करेंगे।

    सोमवार को लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी व पासी समाज से ज्ञापन लेने के बाद चौधरी ने कहा कि वह पत्र का अध्ययन करेंगे और अपने समाज के वरिष्ठजन से बात करेंगे। हालांकि सूरज के बार-बार आग्रह करने के बाद भी सांसद चौधरी राजपासी राजा कंस के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे।

    लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सांसद चौधरी से पालीटेक्निक स्थित उनके आवास पर काफी देर तक बातचीत की। उन्हें दो पेज का ज्ञापन सौंपा, जिसमें सूरज पासी ने कहा है कि कसमंडी कला का ये स्थल पासी समाज सहित समस्त सनातन समाज की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।

    राजपासी राजा कंस ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अवध की धरती, अपनी संस्कृति और अपने धर्म की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

    कसमंडी स्थित उनका किला आज भी उस गौरवशाली इतिहास का साक्षी है। दुर्भाग्यवश वर्षों से यह स्थल उपेक्षा का शिकार रहा है और इसके ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप संरक्षण एवं विकास नहीं हो पाया है।

    पिछले कुछ समय से इस ऐतिहासिक परिसर को लेकर विवाद है। संगठन के प्रयासों के बाद किले में नमाज पर रोक लगाया गया है लेकिन, इस स्थल का वैज्ञानिक एवं पुरातात्विक सर्वेक्षण नहीं कराया गया है। इसके कारण इस ऐतिहासिक धरोहर के वास्तविक स्वरूप, इतिहास और महत्व को आधिकारिक रूप से स्थापित करने का कार्य अधूरा बना हुआ है।

    सूरज ने कहा कि इस पूरे परिसर को संरक्षित विरासत स्थल घोषित कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के स्तर पर आवश्यक पहल की जाए। इस विषय को संसद में उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाए और किले के संरक्षण और विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाए।

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    किले एवं मंदिर परिसर की सुरक्षा, संरक्षण, सुंदरीकरण और ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप विकास कराया जाए। राजपासी राजा कंस के सम्मान में किले परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित कराई जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष और योगदान से परिचित हो सकें।