यूपी में मिनरल वॉटर की 160 ईकाइयों का लाइसेंस निलंबित, मानकों पर खरा न उतरने पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मानकों का उल्लंघन करने वाली 160 मिनरल वाटर इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। 106 अन्य इकाइयों को सुधार के ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य में मिनरल वाटर तैयार करने वाली 522 इकाईयों में से 160 इकाईयों के लाइसेंस निलंबित कर उन्हें बंद करवा दिया गया है, जबकि 106 इकाईयों को 14 दिन में सुधार की चेतावनी दी गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित किए गए मानकों को पूरा करने पर इनके भी लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे। इन इकाइयों में पैकेजिंग व लेबलिंग में गड़बड़ी पाई गई थी।
खाद्य सुरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त रोशन जैकब के निर्देश पर विभाग ने 12 से 14 जनवरी तक अभियान चलाकर राज्य की 522 मिनरल वाटर तैयार करने वाली इकाईयों की जांच की थी। जांच में 382 इकाईयों से 387 नमूने एकत्र किए गए थे।
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इन्हें आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच में 160 इकाईयों में खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुसार पानी न तैयार किए जाने का मामला सामने आया है।
इनमें बाराबंकी, गोरखपुर व प्रयागराज की 11-11, कानपुर नगर की 10, लखनऊ की नौ, गाजियाबाद की आठ, गौतम बुद्ध नगर की सात, हापुड़, शाहजहांपुर, वाराणसी व संत कबीर नगर की पांच-पांच इकाईयां शामिल हैं।
वहीं 106 इकाईयों में गड़बड़ी पाए जाने पर उन्हें दो सप्ताह में सुधार की चेतावनी दी गई है। इनमें लखनऊ में सर्वाधिक सात, गौतमबुद्ध नगर व प्रयागराज की छह-छह, मऊ, कानपुर नगर, आगरा व वाराणसी की पांच-पांच, बाराबंकी व देवरिया की चार-चार इकाईयां शामिल हैं।
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