इंजीनियरिंग के छात्रों को अब एक ही मंच पर मिलेंगी नौकरियां, यूपी सरकार जल्द लॉन्च करेगी स्पेशल प्लेसमेंट पोर्टल
उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग छात्रों को अब नौकरी खोजने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्राविधिक शिक्षा विभाग जल्द ही एक केंद्रीकृत प्लेसमेंट पोर्टल शुरू कर ...और पढ़ें
-1772053713559_m.webp)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण लखनऊ। प्रदेश के इंजीनियरिंग के छात्रों को नौकरी खोजने के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा। प्राविधिक शिक्षा विभाग उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने के लिए केंद्रीकृत प्लेसमेंट पोर्टल जल्द शुरू करने जा रहा है। इससे एक ही मंच पर विभिन्न कंपनियों की नौकरियों की जानकारी और अवसर उपलब्ध होंगे।
यह पोर्टल डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किया गया है। प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग संस्थानों के विद्यार्थी इस पर पंजीकरण कर सकेंगे। अभी तक करीब 10 हजार छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। पोर्टल के माध्यम से कंपनियां सीधे छात्रों से जुड़ सकेंगी और योग्य अभ्यर्थियों का चयन आसान होगा।
प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए एनआइआरएफ (राष्ट्रीय संस्थागन रैकिंग फ्रेमवर्क), एनबीए (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिएशन) और नैक ( राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) रैंकिंग में सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि जो संस्थान एनआइआरएफ में शीर्ष स्थान हासिल करेगा, उसे नियमित बजट के अलावा विशेष प्रोत्साहन देने पर भी विचार किया जा रहा है।
संस्थानों को स्व-मूल्यांकन, शोध, प्लेसमेंट, नवाचार और प्रशासनिक दक्षता मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इंजीनियरिंग संस्थानों को उद्योग की जरूरतों के अनुसार स्किलिंग को जोड़ने के लिए निजी कंपनियों के साथ एमओयू, मेकर लैब, इनोवेशन सेंटर व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके साथ ही सभी इंजीनियरिंग संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ‘स्टेट क्वालिटी फ्रेमवर्क’ लागू करने की तैयारी है। मार्च में कार्यशालाओं के माध्यम से कालेजों को गुणवत्ता मानकों और डेटा गैप की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे तय लक्ष्यों के अनुसार सुधार कर सकें।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में इंजीनियरिंग संस्थानों के शैक्षणिक कैलेंडर को नियमित करने के निर्देश दिए। परीक्षाएं मई के दूसरे सप्ताह से शुरू कराने और 30 जून तक परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखने के लिए कहा गया है। अगले एक महीने में सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ क्रमवार बैठकें होंगी, जिन्हें आगे मासिक समीक्षा का रूप दिया जाएगा।









कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।