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    मोटे ब्याज और प्रोसेसिंग फीस पर लोन देने वालों पर याेगी सरकार का एक्शन, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 09:57 PM (IST)

    मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैर-पंजीकृत वित्तीय इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. गैर-पंजीकृत वित्तीय इकाइयों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई होगी।

    2. आर्थिक अपराधों में शीघ्र जांच और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित होगा।

    3. जनता को निवेश से पहले सावधानी बरतने हेतु जागरूक करें।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गैर पंजीकृत वित्तीय इकाइयों द्वारा अत्यधिक ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने, अतिरिक्त प्रोसेसिंग शुल्क वसूलने, ऋण वसूली के लिए अनैतिक तरीकों का उपयोग करने तथा फर्जी सेविंग बांड जारी करने की शिकायतें मिलने पर अब तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

    आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में शीघ्र जांच, प्रभावी अभियोजन तथा दोष सिद्धि सुनिश्चित कराने तक अधिकारी सक्रिय रहेंगे। इस तरह के अपराधों में दोषियों के विरुद्ध कठोर व समयबद्ध कार्रवाई कराने को प्राथमिकता दी जाएगी।

    मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संयोजित राज्य स्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसी) की 21वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि आम जनता को निवेश योजना में धन लगाने से पहले संबंधित कंपनी के दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने तथा कंपनी के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी का सत्यापन अवश्य करने के लिए जागरूक किया जाए।

    उन्होंने प्रदेश में सक्रिय बहुराज्यीय सहकारी समितियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) व रजिस्ट्रार सहकारी समितियां (आरसीएस) द्वारा की जा रही कार्रवाई, अनियमित रूप से जमा स्वीकार करने वाली कंपनियों, गैर पंजीकृत संस्थाओं की अवैध वित्तीय गतिविधियों पर आसूचना (इंटेलीजेंस) साझा करने और वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।

    उन्होंने कहा कि 'सचेत' पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई करते हुए पोर्टल पर अपलोड किया जाए, जिससे शिकायतकर्ताओं को भी प्रकरण के प्रगति की जानकारी मिल सके।

    मुख्य सचिव ने इस बात पर बल दिया कि वित्तीय व साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बैंकों, प्रवर्तन एजेंसियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

    भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक राजीव द्विवेदी ने आम जनता में वित्तीय साक्षरता की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में सचिव वित्त संदीप कौर, डीजीएम आरबीआई हैमन्ती सरकार, आईजी गीता सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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