UP Panchayat Election: हर जिले और ब्लाक में जाकर रिपोर्ट तैयार करेगा OBC आयोग, आम लोगों से भी ली जाएगी राय
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट तैयार होने में कम से कम छह महीने लगेंगे। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह ने कहा है कि आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम छह माह लगेंगे। रिपोर्ट तैयार करने में आयोग इससे अधिक समय भी ले सकता है।
उन्होंने कहा है कि इतने बड़े प्रदेश में हर जिले व ब्लाक के साथ ही प्रत्येक जिले के कुछ गांवों में भ्रमण और बैठकें करते हुए अध्ययन करने और रिपोर्ट तैयार करने के लिए पर्याप्त समय चाहिए। बैठकें व भ्रमण के माध्यम से आयोग अन्य पिछड़ा वर्ग के संबंध में पंचायत निकायोें के पिछड़ेपन की प्रकृति और प्रभावों का अध्ययन करेगा।
मंगलवार को डालीबाग स्थित नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकारवार्ता में अध्यक्ष ने कहा कि आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है। सिफारिशों पर आम लोगों से आपत्तियां और अभिमत भी लिए जाएंगे।
2011 की जनगणना को आधार बनाया जाएगा। ओबीसी की आबादी के आधार पर उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। पंचायत स्तर तक की स्थितियों पर आयोग नजर रखेगा। बैठकों में हर वर्ग के लोगों को बुलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आयोग पिछड़ा वर्ग के संबंध राज्य के अंदर त्रिस्तरीय पंचायत निकायों तथा नए गठित निकायों के संदर्भ में पिछड़ेपन की प्रकृति और प्रभावों का समकालीन, गहन, अनुभवजन्य जांच करने के साथ ही पिछड़ेपन की प्रकृति व प्रभावों का अध्ययन करेगा। इसके पश्चात पिछड़े वर्गों के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायवार आनुपातिक आरक्षण के संबंध में अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा।
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पत्रकारवार्ता में आयोग के सदस्य सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस अरविंद कुमार चौरसिया तथा सेवानिवृत्त आईएएस एसपी सिंह उपस्थित थे। प्रेसवार्ता से पहले निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह तथा पंचायती राज विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ आयोग की टीम ने बैठक की।
आयोग ऐसे तैयार करेगा अपनी रिपोर्ट
आयोग यह जांच करेगा कि पंचायत निकायों में पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व कितना है और वहां आरक्षण की वास्तविक आवश्यकता कितनी है। इसके लिए जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और चुनावी प्रतिनिधित्व के आंकड़ों का अध्ययन किया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार निकायवार ओबीसी आरक्षण तय करेगी।
उल्लेखनीय है कि आयोग के अध्यक्ष के साथ ही सदस्य बृजेश कुमार और संतोष कुमार विश्वकर्मा नगरीय निकाय चुनाव के लिए गठित समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग में भी थे, इनके पुराने अनुभवों का लाभ आयोग को अपना काम पूरा करने में मिलेगा।
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