'UP में गन्ना प्रजाति को डी-ग्रेड करने से पहले किसान की लिखित सहमति अनिवार्य', आदेश जारी
गन्ना विकास विभाग ने चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति पर्ची पर प्रजाति डी-ग्रेड करने से पहले किसानों की लिखित सहमति लेना अनिवार्य कर दिया है। ...और पढ़ें


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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को दी जाने वाली गन्ना आपूर्ति पर्ची पर अंकित प्रजाति को डी-ग्रेड करने की शिकायतों पर गन्ना विकास विभाग सख्ती करने जा रहा है।
विभाग ने चीनी मिलों को प्रजातियों को डी-ग्रेड करने से पहले अनिवार्य रूप से किसानों की लिखित सहमति लेने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विभाग को मिलों द्वारा आपूर्ति के समय गन्ना प्रजातियों को डी-ग्रेड करने की शिकायतें मिल रही हैं। विभागीय टोल फ्री नंबर पर भी किसानों ने शिकायतें की हैं।
जिसके बाद जिला एवं परिक्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि डी-ग्रेड कर गन्ना तौल करने के प्रकरण में जांच करा कर किसान किसान की लिखित सहमति ली जाए।
चीनी मिलें किसान द्वारा आपूर्ति के लिए लाए गए गन्ने को किसी भी हालत में वापस न किया जाए।
विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि गन्ना आपूर्ति के समय प्रजाति को डी-ग्रेड करने को लेकर समस्या होने पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 188-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराएं।



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