योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब सैटेलाइट-ड्रोन बताएंगे 3 साल में कहां लगे कितने पौधे
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के व्यापक पौधारोपण अभियानों की सघन जांच का निर्णय लिया है। मुख्य वन संरक्षकों को ड्रोन और उपग्रह तकनीक ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक पौधारोपण अभियानों की अब सघन जांच भी की जाएगी। योगी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में किए गए पौधारोपण की थर्ड पार्टी जांच के अलावा विभागीय जांच भी अपने स्तर से कराने का निर्णय लिया है।
इसके तहत मुख्य वन संरक्षकों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में लगाए गए पौधों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सरकार को रिपोर्ट साैंपेंगे।
प्रदेश सरकार बीते नौ वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगवाने का दावा कर चुकी है। वहीं, चालू वर्ष में भी मानसून सीजन के दौरान 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पूर्व में किए गए पौधारोपण का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई दे रहा है या नहीं।
पिछले वर्ष ही पौधारोपण की थर्ड पार्टी जांच का जिम्मा वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) देहरादून से कराने का निर्णय हुआ है। इसके साथ ही अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना ने विभागीय जांच विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कराने का निर्णय लिया है।
जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इसमें ड्रोन सर्वेक्षण, उपग्रह से प्राप्त चित्रों और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। पौधारोपण स्थलों का चयन रेंडम तकनीक के आधार पर किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
जांच पूरी होने के बाद सभी मुख्य वन संरक्षक अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष को सौंपेंगे। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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