यूपी में SIR के बाद प्रति 1000 पुरुषों के मुकाबले कम हुईं 53 महिलाएं, आंकड़े चौंका देंगे
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता सूची में चौंकाने वाले बदलाव सामने आए हैं। राज्य में प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्य ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में चौंकाने वाले आंकड़ें सामने आए हैं। एसआइआर से पहले राज्य में 1000 पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या 877 थी, जो एसआइआर के बाद घटकर 824 रह गई हैं। जेंडर रेशियों में सीधे महिलाओं की संख्या 53 और कम हो गई है। एसआइआर में सबसे अधिक महिलाओं के ही नाम कटे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया है कि राज्य में एसआइआर से पहले 25 वर्ष और उससे अधिक आयु की 71.18 लाख महिलाएं ऐसी थी जिनके नाम के साथ उनके पिता का नाम मतदाता सूची में दर्ज था। ऐसी 42.13 लाख महिलाओं के नाम कटे हैं। माना जा रहा है कि इन महिलाओं के नाम मायका और ससुराल दोनों जगह थे, एसआइआर के बाद नाम एक ही जगह रह गया है।
शहरी क्षेत्रों में 28 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे हैं। एसआइआर से पहले शहरी क्षेत्र में 4.16 करोड़ मतदाता थे। अब 2.99 करोड़ मतदाता शहरी क्षेत्र में रह गए हैं। शहरी क्षेत्रों से 1.17 करोड़ मतदाता कम हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एसआइआर से पहले 11.28 करोड़ मतदाता थे, जो एसआइआर के बाद 9.56 करोड़ रह गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से 1.72 करोड़ मतदाता कम हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 15.23 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं।
अब 8.88 करोड़ पुरुष व 5.67 करोड़ महिलाएं हैं मतदाता
एसआइआर के बाद राज्य में अब 5.67 करोड़ महिलाएं और 6.88 करोड़ पुरुष मतदाता हैं। जेंडर रेशियो यानी प्रति एक हजार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या कम होने के मामले में साहिबाबाद विधान सभा क्षेत्र पहले नंबर पर है। इस विधान सभा क्षेत्र में एसआइआर से पहले 1000 पुरुषों के मुकाबले 779 महिलाएं थी जो अब 649 रह गई हैं। यहां पर प्रति 1000 पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या में 135 की कमी दर्ज की गई है।
लाजिकल एरर वाल 3.26 करोड़ मतादाताओं को नोटिस
नाम. उम्र आदि की गड़बड़ियोंं जैसे लाजिकल एरर से संबंधित मामलों में एसआइआर के तहत 2.92 करोड़ मतदाता हैं, इन सभी को नोटिस भेजा जाएगा। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिन 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हो सका है उन्हें भी नोटिस जाएगा। कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस मिलेगा।
इस मामले में सभी 403 विधान सभा क्षेत्रों में पहली सुनवाई 21 जनवरी को होगी। 3793 स्थानों पर सुनवाई की जाएगी। 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण और 8751 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सुनवाई में रहेंगे।
एसआइआर की मतदाता सूची में दर्ज ग्रामीण मतदाताओं की संख्या के मुकाबले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में अधिक नाम होने पर रिणवा ने कहा है कि नोटिस के बाद अभी एसआइआर में तमाम नाम जुड़ेंगे, उसके बाद सही जानकारी मिल सकेगी।
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