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    राधा जन्म से पहले बधाई देने पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज, गहवरवन की परिक्रमा लगाई

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 08:36 AM (IST)

    Saint Premanand भक्त संत प्रेमानंद महाराज बृषभानु दुलारी को जन्म से पहले बधाई देने बरसाना पहुंचे। उन्होंने गहवरवन की परिक्रमा की और मंदिर में राधा रानी का पूजन किया। हजारों लोग उनके दर्शन के लिए पहुंचे। राधा नाम का गुणगान करते हुए उन्होंने राधारानी को उनके निज महल में जाकर बधाई दी। सेवायत मोंटू गोस्वामी ने चुनरी ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।

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    बरसाना के राधारानी मंदिर में दर्शन करते संत प्रेमानंद महाराज। फोटो जागरण

    संवाद सूत्र जागरण, बरसाना। बृषभानु दुलारी को जन्म से पहले बधाई देने उनके भक्त संत प्रेमानंद महाराज बरसाना पहुंचे। उन्होंने गहवरवन की परिक्रमा लगाई और मंदिर पहुंचकर पूजन किया। राधारानी के भक्त और उनका गुणगान करने वाले संत प्रेमानंद महाराज शुक्रवार सुबह अचानक बरसाना पहुंच गए। उनके बरसाना आगमन की सूचना पर हजारों लोग उन्हें देखने पहुंचे।

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    भक्तों के साथ प्रेमानंद महाराज ने लगाई गहवरवन की परिक्रमा

    संत ने राधा नाम का गुणगान करते हुए गहवरवन की परिक्रमा लगाई। इसके बाद राधारानी को जन्म की बधाई देने के लिए उनके निज महल पहुंचे। यहां आधा घंटा तक संत प्रेमानंद राधारानी को निहारते रहे। संत प्रेमानंद महाराज ने राधारानी को उनके जन्म से पूर्व बधाई दी। सेवायत मोंटू गोस्वामी ने संत का चुनरी पहनाकर स्वागत किया।

    प्राचीन राधावल्लभ मंदिर में उल्लास छाएगा

    राधाष्टमी पर रविवार को प्राचीन राधावल्लभ मंदिर में उल्लास छाएगा। श्रीराधाजी के प्राकट्योत्सव का उल्लास सुबह से शुरू होगा, देर रात तक बधाई यात्रा के रूप में दिखाई देगा। महोत्सव में शामिल होने को देश दुनिया के श्रद्धालुओं ने वृंदावन में डेरा डाला है। सुबह महाभिषेक होगा, तो दोपहर को दधिकांधा और रात में निकलने वाली बधाई शोभायात्रा (चाव) में लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। श्रीहित हरिवंश महाप्रभु के सेव्य ठाकुर राधावल्लभलालजु के मंदिर में रविवार को श्रीराधाष्टमी का उत्सव उल्लास पूर्वक मनाया जाएगा।

    रविवार सुबह सात बजे मंगला आरती होगी

    मंदिर सेवायत चंचल गोस्वामी ने बताया राधाष्टमी उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुबह सात बजे मंगला आरती होगी, इसी दौरान समाज गायन में श्रीजी के प्राकट्योत्सव पर समाज गायन में बधाई दी जाएगी। मंगला आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर के बंद पट में ही गर्भगृह में श्रीजी का पंचगव्य से महाभिषेक होगा और उन्हें पीत पोशाक धारण कर सुनहरा श्रृंगार किया जाएगा।

    साढ़े नौ बजे विशेष दर्शन होंगे और शृंगार आरती, दधिकांधा शुरू होगा

    सुबह महाभिषेक के बाद साढ़े नौ बजे विशेष दर्शन होंगे और शृंगार आरती होगी। इस दौरान ब्रजवासियों का दधिकांधा शुरू होगा। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे मंदिर सेवायतों का दधिकांधा होगा। जिसमें दूध, दही, हल्दी, केसर मिक्स होगा, वह सेवायतों पर डाला जाएगा। जो शिष्य व भक्त होंगे उनपर दधिकांधा का छींटा डाला जाएगा। दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर श्रीजी की राजभोग आरती होगी और शाम को छह बजे से मंदिर से बधाई शोभायात्रा शुरू होगी।