CCS यूनिवर्सिटी ने कर दिया बड़ा एलान, अब इन बच्चों को परीक्षा देने से नहीं जा सकेगा रोका
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को निर्देश दिया है कि परीक्षा फॉर्म भरने के बाद किसी छात्र को परीक्षा से न रोकें। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से छात्रों के आंतरिक और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज फेडरेशन ने डिटेंड परिणामों के मुद्दे पर विश्वविद्यालय के रवैये का विरोध किया है और एकल खिड़की की व्यवस्था करने की मांग की है।

जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने कालेजों को परीक्षार्थियों की ओर से परीक्षा फार्म भरने के बाद उसका सत्यापन हो जाने पर किसी परीक्षार्थी को आंतरिक या वाह्य परीक्षा से रोकने को मना किया है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय पोर्टल पर छात्रों का डाटा एक बार अपलोड कर दिए जाने के बाद यह मान लिया जाएगा कि कालेज का छात्र पर प्रवेश संबंधी देय नहीं है और कालेज ऐसे छात्रों का आंतरिक व प्रयोगात्मक परीक्षा कराकर परीक्षा शुरू होने से पहले सीसीएसयू के पोर्टल पर अपलोड कर देंगे।
ऐसा नहीं करने पर कालेजों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। वहीं कालेज की ओर से छात्रों का डाटा विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड करने और परीक्षा फार्म सत्यापित करने के बाद किसी भी छात्र को आंतरिक या वाह्य परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा।
सीसीएसयू के परीक्षा नियंत्रक ने गुरुवार को ही कालेजों की विभिन्न गलतियों के कारण अटके यानी डिटेंड परीक्षा परिणामों के सापेक्ष संबंधित छात्रों की सूची छात्रों के आवेदन व जरूरी कागजातों के साथ मांगी है।
इसका विरोध करते हुए शुक्रवार को सेल्फ फाइनेंस कालेज फेडरेशन ने कहा है कि फेडरेशन की मांग के बावजूद विश्वविद्यालय ने डिटेंड यानी निरुद्ध अंकतालिकाओं को जारी करने संबंधी उक्त पत्र केवल कागजों की व्यवस्था सही करने के लिए जारी कर दिया है जबकि धरातल पर स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है।
फेडरेशन के अध्यक्ष एडवोकेट नितिन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने आज तक छात्रों की मार्कशीट रोकने का कारण कालेजों को बताया ही नहीं है। निरुद्ध सूची कारण सहित उपलब्ध कराए बिना संस्थानों और छात्रों द्वारा सही दस्तावेज उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
कहा कि विश्वविद्यालय ने आज तक कालेजों के मार्कशीट प्रकरण के लिए एकल खिड़की की व्यवस्था नहीं की है। इसकी मांग 31 जनवरी को ही की गई थी। कालेजों ने एकल खिड़की की व्यवस्था कर 15 दिन में कालेजों के आवेदन निस्तारित करने की मांग की है।
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