कांवड़ यात्रा में त्रिशूल, हॉकी स्टिक लेकर नहीं चल पाएंगे कांवड़िये; UP पुलिस का सख्त आदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों द्वारा लाठी त्रिशूल और हॉकी स्टिक जैसे सामान ले जाने पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध मुजफ्फरनगर शामली सहारनपुर बुलंदशहर हापुड़ और बागपत जैसे जिलों में लागू किया गया है। अधिकारियों ने ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए बिना साइलेंसर वाली मोटरसाइकिलों पर भी पाबंदी लगाई है। यह फैसला कांवड़ियों के साथ हुई उत्पीड़न की घटनाओं के बाद लिया गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांवड़ यात्रा के दौरान हो रही मारपीट की घटनाओं और दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अब यूपी पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों के लाठी, त्रिशूल, हॉकी स्टिक और इसी तरह की अन्य चीजें ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत जैसे जिलों में यह प्रतिबंध लागू रहेंगे।
अधिकारियों ने ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक उपद्रव को रोकने के लिए बिना साइलेंसर वाली मोटरसाइकिलों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ियों के साथ हुई बर्बरता और उत्पीड़न की कई घटनाओं घट चुकी है।
इन जिलों में जारी रहेगा प्रतिबंध
यह प्रतिबंध यात्रा मार्ग के प्रमुख जिलों, जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत, में लागू है। अधिकारियों ने ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक उपद्रव को रोकने के लिए बिना साइलेंसर वाली मोटरसाइकिलों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
यह कदम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ियों के साथ हुई बर्बरता और उत्पीड़न की कई घटनाओं के बाद उठाया गया है, जहां तीर्थयात्री पवित्र गंगा जल लेने के लिए हरिद्वार जाते हैं।
सरकार के नियमों का सख्ती से किया जाएगा पालन: एडीजी
अधिकारियों ने अब स्पष्ट कर दिया है कि हथियारों का प्रदर्शन—चाहे प्रतीकात्मक ही क्यों न हो, उन्हें लेकर चलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने बताया, "सरकार ने इस पर रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। हम इनका सख्ती से पालन कर रहे हैं और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।"
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