यह ईरान से आया कोई जहरीला धुआं नहीं, स्मॉग है जनाब ! सुबह-सुबह इसके दिखने का यह है कारण
Meerut News : मेरठ और यूपी के कई हिस्सों में अचानक छाए घने कोहरे को मौसम विज्ञानियों ने स्मॉग बताया है, न कि ईरान से आया जहरीला धुआं। उन्होंने सोशल मी ...और पढ़ें

मेरठ में बाईपास पर स्मॉग के दौरान गुजरते वाहन। जागरण
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ ही नहीं प्रदेश के कई भागों में कोहरे और धुंध की अचानक उत्पन्न हुई स्थिति से तरह-तरह की आशंकाएं सोशल मीडिया पर वायरल होती रही। कहा गया कि तेहरान में तेल के भंडार में आग लगने से जहरीला धुआं भारत की ओर आया है।
समय से पहले गर्मी की आमद के बीच मंगलवार तड़के छाये घने को कोहरे की मोटी परत शहरवासियों को चौंका दिया। मौसम विज्ञानियों ने इसे कोहरा नहीं स्माॅग बताया। अमूमन ठंड के सीजन में देखे जाने वाला स्माॅग गर्मी के बीच अचानक छाने का कारण अति सूक्ष्म प्रदूषक कणों की बढ़ी संख्या और परस्पर कई मौसमीय कारकों के परस्पर संबद्ध होने से है।
मौसम में बदलाव
जनपद में एक ओर गर्मी ने समय के पहले दस्तक दे दी है, 9 मार्च को ही तापमान 35 डिग्री के आसपास पहुंच गया था। मंगलवार को यह 32.4 था। वहीं मंगलवार को मौसम की उलटबांसी देखने को मिली। मंगलवार को सुबह जब सैर के लिए निकले तो सड़कों पर कोहरा छाया देखकर चौक गये। साफ नजर नहीं आने के कारण सुबह सात-आठ बजे तक भी हाई वे और सड़कों पर वाहनो की लाइट जलती दिखी। दो दिन पूर्व ऐसी स्थिति बुलंदशहर में भी देखी गई थी। मौसम विभाग ने भी सुबह आठ बजे दृश्यता 100 मीटर रिकार्ड की।
स्माॅग का कारण
मंगलवार को सुबह स्माग की घटना के पीछे मुख्य कारण मौसम में आए अचानक बदलाव हैं। सोमवार की रात तापमान में गिरावट दर्ज की गई न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि इसके पहले यह 20 डिग्री के आसपास था। वातावरण में दूसरा मुख्य बदलाव आदृता की वृद्धि है यह मंगलवार की सुबह 98 प्रतिशत पहुंच गई।
तीसरा सबसे महत्वपूर्ण अति सूक्ष्म कण पीएम 2.5 हैं। सुबह पांच के बाद शहर के जयभीमनगर और गंगानगर में यह खतरे के मानक को पार कर गया। इसकी सघनता वातावरण मे 325 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक दर्ज की गई।
कृषि प्रणाली संस्थान के वरिष्ठ मौसम कृषि विज्ञानी डा. एम शमीम ने बताया कि आदृता अगर 90 प्रतिशत से ऊपर है और रात में तापमान 20 डिग्री से अधिक है। ऐसे में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ती है तो स्माग बनने की संभावना बढ़ जाती है। क्याेंकि नमी ,अति सूक्ष्म प्रदूषक कणों के साथ तेजी से जुड़ती है और कोहरे जैसी परत वायुमंडल में छा जाती है।
ईरान से आया कोई जहरीला धुआं नहीं पश्चिम विक्षोभ के चलते हुआ उलटफेर
मेरठ ही नहीं प्रदेश के कई भागों में कोहरे और धुंध कि अचानक उत्पन्न हुई स्थिति से तरह-तरह की आशंकाएं सोशल मीडिया पर वायरल होती रही। कहा गया कि ईरान में तेल के भंडार में आग लगने से जहरीला धुआं भारत की ओर आया है। निजी मौसम एजेंसी मौसम एजेंसी स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया की ईरान के हालात का भारत में कोई प्रभाव नहीं है।
इस समय दक्षिण पश्चिमी हवाएं चल रही हैं यह धुंआ चीन और रूस की ओर जाने की संभावना है। बताया कि पिछले कई दिनों से तेज हवाएं चल रही थी। यह हवा रेगिस्तान की ओर से धूल और रेत के महीन कण लेकर आ रही थी। सोमवार की सुबह एक पश्चिम विक्षोभ ने हिमालय के ऊपरी इलाकों में प्रवेश किया है। जिस कारण हवाओं की गति कम हो गई है। जिससे रेत और धूल वायुमंडल में स्थिर हो गई है। पीएम 2.5 का स्तर बढ़ गया है। अरब सागर से आ रही नम हवाओं के चलते आदृता भी बढी है.
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।