Moradabad: युसूफपुर नगलिया गांव में तेंदुए ने तीन लोगों पर किया हमला, गंभीर हालत में भर्ती
मुरादाबाद के युसूफपुर नगलिया गांव में तेंदुए ने खेत और कब्रिस्तान में काम कर रहे तीन बुजुर्गों पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। तेंदुए के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। पिछले 20 दिनों में तेंदुए को कई बार देखा गया पर वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की जिससे लोगों में गुस्सा है।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पाकबाड़ा के युसूफपुर नगलिया गांव में खेत ओर कब्रिस्तान में काम कर रहे तीन बुजुर्गों पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। तीनों बुजुर्गों ने तेंदुए से बमुश्किल जान बचाई। बुजुर्गों पर तेंदुए के हमले की खबर से आस पास के गांवों में खबर फैली तो लोग दहशत में आ गए।
ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत की। उधर वन विभाग को भी मामले की जानकारी दी।
पाकबड़ा थाना क्षेत्र के युसूफपुर नगलिया गांव निवासी शुक्रवार की सुबह दस बजे के आस पास पधान गांव के बाहर कब्रिस्तान में कब्र पर फूल चढ़ाने ओर फातिहा पढ़ने गए थे। घास काट रहे थे। तभी अचानक तेंदुए ने पधान के ऊपर झपट्टा मारा। तेंदुए के झपट्टा मारते ही पधान सतर्क हुए। पधान ने ईंट पत्थर मारे तो गुर्राता हुआ तेंदुआ वहां से भाग गया।
इसके बाद गांव के सुलेमान और अशरफ जानवरों के लिए घास काट रहे थे। तेंदुए ने सुलेमान और अशरफ के ऊपर हमला बोल दिया। तेंदुए ने सुलेमान के हाथ ओर अशरफ के टांग पर तेंदुए के हमले के निशान है।
इतने में सुलेमान और अशरफ ने तेंदुए को देख बिना कुछ सोचे समझे हाथ में घास काटने वाली दरांती (हाशिए) को तेंदुए पर फेंक कर मारी। तेंदुआ वहां से जंगलों की ओर भाग निकला। इतने में ही तेंदुए के हमले की खबर आस पास के गांव में पहुंच गई। काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही को लेकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल पधान, अशरफ और सुलेमान को जिला अस्पताल भिजवाया। बुजुर्गों पर हमले के बाद आस पास के गांव के। लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शन करने वालों में इमरान, आतिफ, अजीम आलम, मु आलम, फहीम आलम, आमिर, रिजवान, नोमान आदि मौजूद रहे।ग्रोथ सेंटर रतनपुर कलां चौकी प्रभारी अनिल तोमर ने बताया कि तीन लोगों पर तेंदुए ने हमला बोला है। सभी को जिला अस्पताल भेज दिया है। वन विभाग की टीम को भी मामले से अवगत करा दिया है।
तेंदुए से हमले में घायल तीनों बुजुर्गों की उनकी जुबानी पाकबड़ा। शुक्रवार की सुबह यूसुफपुर नगलिया गांव में तेंदुए ने तीन ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले के बाद तीनों ग्रामीण दहशत में है। उस हादसे को दिमाग से नहीं निकाल पा रहे है।
तेंदुए के शिकार तीनों लोग उस लम्हे को याद कर सिहर (कांप) उठते है। तीनों लोगों पर किस तरह हमला हुआ खुद उनकी जुबानी पर रिपोर्ट। तेंदुए ने सबसे पहले मो पधान पर हमला बोला। पधान ने बताया कि दो माह पहले मेरी पत्नी साबरा का इंतकाल हो गया था।
शुक्रवार को में कब्रिस्तान में उसकी कब्र पर फूल चढ़ाने गया था। तभी अचानक तेंदुए ने पीछे से हमला बोल दिया। मैने अपने आप को संभाला और पास में पड़े ईंट पत्थर फेंके तब तेंदुआ गुर्राता हुआ भागा। जब तेंदुए ने हमला बोला तो मुझे लगा कि आज मेरा भी आखिरी दिन है।
वो मंजर दिमाग से नहीं जा रहा है। याद करके दिल घबरा जाता है। उसके बाद गांव के अशरफ जानवरों के लिए खेत पर घास काट रहे थे। अशरफ ने बताया कि अचानक एक दम से मेरी टांग पर पंजा लगा, तो ऐसा लगा किसी भारी चीज ने हमला बोला में घबरा गया।
देखा कि तेंदुआ है तो उस समय खुद को संभाला और शोर मचा दिया। तेंदुए से बचने को हाथ में दरांती को तेंदुए के ऊपर मारा। तब तेंदुआ भागा। इतने में ही लोगों की भीड़ शोर मचाते हुए आ गई। बस अल्लाह ने खैर कर दी। पता नहीं क्या होता।
उसके बाद सुलेमान ने बताया कि में अशरफ के साथ खेत पर ही घास काट रहा था। मेरे ऊपर तेंदुए ने झपट्टा मारने की कोशिश की। मैने वहां से भाग लगा दी। मैने पीछे मुड़कर नहीं देखा। में खेत से पैदल ही भागते भागते घर आकर रुका। मुझे देख बच्चे भी परेशान हो गए।
बच्चे मुझसे पूछ रहे क्या हुआ मेरे मुंह से आवाज नहीं निकल रही। पानी पिया थोड़ा सुकून मिली। फिर बच्चों को बताया तो सब सुनकर दंग रह गए। आज तो बस जान बच गई।
पाकबड़ा। बीस दिन में पांच बार ग्रामीणों ने ग्रोथ सेंटर में घूमता हुआ देखा तेंदुआ। ग्रामीणों ने तेंदुए की हर बार वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक करने के लिए इंटरनेट पर प्रसारित की। वन विभाग की टीम एक बार आकर खानापूर्ति कर चली गई। तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया।
जिससे वन विभाग को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। पाकबड़ा डींगरपुर मार्ग पर सबसे पहले 11 अगस्त की शाम को तेंदुआ ग्रोथ सेंटर की दीवार पर बैठा हुआ दिखाई दिया। तेंदुए की वीडियो बनाकर ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी।
वीडियो को इंटरनेट पर प्रसारित कर लोगों को सचेत कर दिया। उसके बाद 12 अगस्त की रात को नो बीजे के आस पास तेंदुआ फिर ग्रोथ सेंटर की दीवार पर चलता हुआ दिखाई दिया। इसको भी लोगों ने वीडियो बनाकर अपने मोबाइल में कैद किया।
उसके बाद 20 अगस्त को तेंदुआ गिदौड़ा गांव में दिखाई दिया। फिर 23 अगस्त को ग्रोथ सेंटर में दीवार पर बैठा देखा गया तेंदुआ। ग्रामीणों को खतरा बना हुआ था कि कही किसी पर हमला न कर दे तेंदुआ।
शुक्रवार को पांचवी बार में तेंदुए ने तीन लोगों पर हमला कर दिया। उसके बाद से रतनपुर कलां, लालपुर गंगवानी, करनपुर, कोंडरी, यूसुफपुर नगलिया आदि गांव के लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
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