रात में कांवड़ियों के पास भी नहीं फटकेगा तेंदुआ! UP पुलिस की यह अनोखी 'ड्रैगन लाइट' तकनीक करेगी सुरक्षा
मुरादाबाद पुलिस ने कांवड़ यात्रा के लिए 'कांवड़ मोबाइल' वाहन तैयार किए हैं, जिनमें ड्रैगन लाइटें और लाउडस्पीकर लगे हैं। ये वाहन कांवड़ियों को तेंदुओं ...और पढ़ें

मुरादाबाद पुलिस द्वारा कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए तैयार की गई कांवड़ मोबाइल जागरण
HighLights
मुरादाबाद में पुलिस लाइन की 10 सूमो गाड़ियों को किया गया तैयार
हर गाड़ी पर तेज ड्रैगन सर्च लाइटों के साथ लगाए जाएंगे लाउड स्पीकर
सचिन चौधरी, मुरादाबाद। तेंदुओं के बढ़ते हमले व सड़क हादसों के बीच मुरादाबाद की पुलिस ने सावन के महीने में कांवड़ियों की दोहरी सुरक्षा की तैयारी कर ली है। पुलिस लाइंस में खड़ीं 10 सूमो गाड़ियों की सर्विसिंग कराकर ‘कांवड़ मोबाइल’ तैयार हो रहीं हैं। ड्रैगन (सर्च) लाइट से युक्त ये गश्ती वाहन पूरी तरह शिवमय होंगे।
मुरादाबाद के दिल्ली-लखनऊ हाईवे के आसपास, कांठ-ठाकुरद्वारा क्षेत्र व अन्य बाहरी इलाकों में काफी समय से तेंदुओं की मौजूदगी लगातार सामने आ रही है। कुछ मामलों में तेंदुओं ने लोगों पर हमला भी किया है। इसी के मद्देनजर कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लाइन में उपयोग किये जाने वाले 10 सूमो वाहनों को 'कांवड़ मोबाइल' के रूप में तैयार कराया है।
इन वाहनों पर भगवान शिव, त्रिशूल, डमरू, गंगा नदी और पूजा करते श्रद्धालु के चित्र बनाए गए हैं। प्रत्येक वाहन में छह-छह हाईपावर सर्च (ड्रैगन) लाइटें, लाउडस्पीकर और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों की वन विभाग के अफसरों से इस संदर्भ में बातचीत में पता चला था कि तेज रोशनी और लाउडस्पीकर की आवाज से तेंदुए डरते हैं। इसलिए यह व्यवस्था की। माना जा रहा कि तेज लाइट और आवाज से तेंदुए कांवड़ियों के पास नहीं आएंगे।
वहीं, इन गश्ती वाहनों की मौजूदगी से हाईवे पर अनारक्षित लेन पर तेज गति से वाहन चलाने वालों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। एसएसपी सतपाल अंतिल बताते हैं कि अमरोहा और रामपुर के बीच हाईवे के लगभग 35 किलोमीटर क्षेत्र, कांठ व ठाकुरद्वारा रोड पर इन कांवड़ मोबाइल वाहनों की नियमित गश्त कराई जाएगी।
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अमरोहा में हाईवे पर सीमित रहेगी वाहनों की रफ्तार
अमरोहा में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 56 किलोमीटर के एरिया में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक भारी वाहन अधिकतम 30 व हल्के वाहन 40 किमी प्रतिघंटा से चला सकेंगे। इससे तेज स्पीड पर चालान होगा, इसके लिए रास्ते में तीन जगह स्पीड राडार गन लगेंगी।

एसपी लखन सिंह यादव ने कांवड़ यात्रा के दौरान एकतरफ का मार्ग आरक्षित होने के बावजूद होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण करने के लिए यह व्यवस्था पहली बार लागू की है। इसके अलावा 57 ड्रोन के जरिये भी रूट पर निगरानी रखी जाएगी।
रामपुर में कांवड़ जत्था एप से निगरानी
रामपुर की पुलिस ने ‘कांवड़ जत्था’ मोबाइल एप तैयार किया है। कांवड़ियों को क्यूआर कोड युक्त कार्ड दिये जाएंगे। इसे स्कैन करते ही एप मोबाइल फोन में डाउनलोड हो जाएगा, जिसमें यात्री नाम-पता दर्ज करेंगे। एप से पुलिस कांवड़ यात्रियों की लोकेशन पर नजर रख सकेगी।
एप में ‘कुशलता’ और ‘परेशानी’ के विकल्प होंगे। परेशानी विकल्प चुनने पर संबंधित जिले को लोकेशन और मोबाइल नंबर देकर मदद भिजवा सकेगा। इसके लिए यात्रियों को मोबाइल की लोकेशन ऑन रखनी होगी।
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