बहन का बलिदान लाया रंग: मुरादाबाद की युवती को नैनीताल के होटल में जहर देने वाले गुलजार को 'उम्रकैद'
नैनीताल के एक होटल में मुरादाबाद की युवती इरम की जहर देकर हत्या करने के मामले में मोहम्मद गुलजार को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुन ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, नैनीताल/मुरादाबाद। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की कोर्ट ने नैनीताल लाकर युवती की हत्या में दोषी मुरादाबाद के मोहम्मद गुलजार को आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट के निर्णय के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया। गुलजार ने मुरादाबाद की युवती की होटल में ले जाकर हत्या की थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा के अनुसार दो अगस्त 2023 को थाना तल्लीताल में लाल नगरी पंजाब नेशनल बैंक के पास मुरादाबाद निवासी युवती की ओर से तहरीर दी गई थी। जिसमें कहा कि एक अगस्त को गली नंबर-चार रहमत नगर करौला मुरादाबाद निवासी गुलजार साजिश के तहत उसकी बहन को नैनीताल लेकर आया था।
उसने होटल में कमरे में जहर देकर बहन की हत्या कर दी। तीन बच्चों का पिता गुलजार पहले से ही बहन को नौकरी दिलाने के बहाने उसके पीछे पड़ा था। बहन की ओर से मार्च 2023 में गुलजार के विरुद्ध थाना मुगलपुरा मुरादाबाद में दुष्कर्म, गालीगलौच, मारपीट तथा आइटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मुकदमा वापस लेने के लिए गुलजार आए दिन मारपीट करने के साथ ही बहन को जान से मारने की धमकी देता था। मामले में अभियोजन ने 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए। डीजीसी ने कोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि अभियुक्त गुलजार ने युवती को नौकरी दिलाने के झांसा देकर उसका शोषण किया। बिसरा रिपोर्ट से भी साबित हुआ कि इरम की मृत्यु एल्यूमीनियम फास्फेट के सेवन से हुई थी।
घटना के बाद फरार गुलजार को पुलिस ने 19 अगस्त को गिरफ्तार किया। अभियुक्त ने युवती को बदनाम करने की नीयत से उसकी अश्लील वीडियो बनाकर प्रसारित भी कर दी थी। युवती की शादी गुलजार से कभी नहीं हुई थी उसने फर्जी निकाहनामा तैयार किया था। कोर्ट ने अभियुक्त को सजा सुनाते हुए आदेश दिया कि जुर्माने की राशि मृतका की मां को दी जाए। साथ ही उत्तराखंड अपराध से पीड़ित योजना-2013 के तहत मृतका की माता को जिला सेवा विधिक प्राधिकरण नैनीताल से भी सहायता धनराशि प्रदान करने के निर्देश दिए।
कदम-कदम पर आरोपित के स्वजन ने डाली बाधा
मृतक बहन इरम को इंसाफ दिलाने का वचन लेकर थाने से लेकर कोर्ट तक पहुंची मृतक की छोटी बहन के हर कदम पर आरोपित के स्वजन ने बाधा डाली। जब से युवती की हत्या हुई और सजा के दिन तक पांच बार पैरवी कर रही मृतक की छोटी बहन पर हमला किया। इतना ही नहीं बुधवार को सुबह नैनीताल जाने के लिए घर से निकली तो आरोपित के स्वजन ने उसे घेर लिया। वापस घर आना पड़ा।
दोपहर बाद अधिवक्ता ने दी सजा की जानकारी
दोपहर बाद अधिवक्ता ने फोन पर आरोपित को उम्र कैद सजा होने की जानकारी दी तो परिवार ने खुशी जाहिर की, लेकिन उनका कहना है कि दोषी समेत सात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने बाकी आरोपितों के नाम विवेचना के दौरान निकाल दिए जो गलत है।
लाल नगरी पंजाब नेशनल बैंक के पास मुरादाबाद निवासी एक व्यक्ति के तीन बेटी और दो बेटे हैं। उस व्यक्ति का करीब 22 साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। जबकि करीब दस साल पहले उनके दोनों बेटे अपने ताऊ के साथ विदेश चले गए तभी से वह वहीं पर है। घर में तीन बेटी और उनकी मां रह गई थी।
पड़ोसियों ने किया मकान पर कब्जे का प्रयास
इसी बीच पड़ोसियों ने उनके मकान पर कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया। इसी के चलते मुकदमेबाजी शुरू हो गई। मामला कोर्ट में पहुंच गया था। दो अगस्त 2023 को सुबह युवती मुरादाबाद कचहरी में तारीख पर जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन गुलजार युवती को उत्तराखंड ले गया। शाम तक युवती की तलाश मुरादाबाद में होती रही।
रात में उत्तराखंड पुलिस ने फोन करके घटना की जानकारी दी। बताया कि आपकी बहन का शव होटल में मिला है। मृतक की छोटी बहन अपनी मां के साथ उत्तराखंड होटल में पहुंची। उसके बाद पुलिस को शिकायती पत्र देकर सात आरोपितों के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई।
विवेचना में निकाले गए छह नाम
पुलिस ने विवेचना करनी शुरू की तो छह के नाम निकाल दिए और गुलजार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी, लेकिन आरोपित के स्वजन ने पैरवी कर रही मृतक की छोटी बहन को परेशान करना शुरू कर दिया। जिससे वह पैरवी करना बंद कर दे। इतना ही नहीं अब तक करीब पांच पर उस पर हमला किया गया।
बुधवार को वह भी नैनीताल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसे घेर लिया गया। ऐसे में वह डर के चलते अपने घर वापस आ गई। जब उन्हें पता चला कि बहन के हत्यारोपित को उम्र कैद की सजा हो गई है तो खुशी के आंसू निकल आए।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।