अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़: DRI ने मुजफ्फरनगर से मास्टरमाइंड मोहम्मद मियां को किया गिरफ्तार
अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का सरगना मोहम्मद मियां उर्फ मियां भाई मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने उसे मेरठ ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। नई मंडी के बागोवाली से पकड़ा गया मोहम्मद मियां उर्फ मियां भाई अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का मास्टरमाइंड (सरगना) निकला है। राजस्व खुफिया निदेशालय ने उसे गिरफ्तार करने के बाद मेरठ छावनी में रखकर पूछताछ की है। जिसमें उसने सिंडिकेट का संचालन करना स्वीकार किया है।
आरोपित ने अपने गिरोह के साथ मिलकर 12 अक्टूबर 2025 को 3.941 किलोग्राम सोना की खेप भारत में उतारी थी। इस गिरोह में मुंबई एयरपोर्ट का कर्मचारी भी शामिल था। गिरफ्तारी के बाद मास्टरमाइंड को टीम अपने साथ मुंबई ले गई है।
मुंबई की राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने 12 अक्टूबर 2025 को तस्करी कर लाए गए सोने को मुंबई एयरपोर्ट पर एयर कार्गो कॉम्पलैक्स सहार मुंबई में पकड़ा था। इस तस्करी में सबसे पहले मुंबई एयरपोर्ट का कर्मचारी अरफात कुरैशी पकड़ा गया था। उससे पूछताछ के साथ गिरोह की कुंडली खुलती चली गई।
एयर कार्गो में 3,941 ग्राम सोना था, जिसकी लगभग 4.64 करोड़ रुपये की कीमत थी। आरोपित कर्मचारी ने स्वीकार किया था कि यह सोना हैंडलर राशिद शेख उर्फ राणा लिया गया था, जो मोशन सिकनेस बैग में लाया था। टीम ने उसे गिरफ्तार कर उसके बाद मोहम्मद आरिफ वजीर अहमद अंसारी, सलीम अब्दुल रहमान शेख, अब्दुल बारी शेख को भी पकड़ा था।
आरोपित मोहम्मद आरिफ अंसारी समेत सभी आरोपितों ने पूछताछ में स्वीकारा था कि वह सोने की तस्करी करने वाले सिंडिकेट का हिस्सा है। यह सिंडिकेट मोहम्मद मियां उर्फ मियां भाई के निर्देश पर काम करता था। उसके निर्देश पर ही भारत लाए गए सोने को तस्करों, बाजारों तक पहुंचाने का काम होता था। यह काम मोहम्मद मियां का करीबी राशिद शेख करता था।
डीआरआई की टीम ने अक्टूबर-2025 में ही राशिद शेख को गिरफ्तार किया और गिरोह की कुंडली खुलकर सामने आ गई। उसने बताया कि सिंडिकेट के मास्टरमाइंड (सरगना) के मोहम्मद मियां है, जो मुंबई के हवाई अड्डे के कर्मचारियों से तस्करी का सोना एकत्र करने पर प्रत्येक डिलीवरी पर (सोना प्राप्त करने) के बदले 5 हजार रुपये देता था।
इसके आधार पर ही राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम उसकी तलाश में लगी थी। बुधवार को डीआरआई मुंबई जोन के इंटेलिजेंस ऑफिसर निखिल सावंत ने बागोवाली गांव से मास्टरमाइंड मोहम्मद मियां को गिरफ्तार किया है। जिससे मेरठ स्थित डीजीजीआई (जीएसटी इंटेलीजेंस महानिदेशालय) के कार्यालय में रखकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में उसने सिंडिकेट चलाना स्वीकार किया है। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे मुंबई ले गई है। आरोपित गिरोह के साथ तस्करी के सोने को विमान के गुप्त स्थानों पर छिपाते थे, जिससे आसानी से इसे निकाला जा सके।
स्टॉक-एक्सचेंज में खपाया जाना था सोना
पकड़ा गया सोना साउथ अफ्रीका, नाइजर, सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों से लाया गया था। जिसे गैर-नियामक बाजार (ग्रे-मार्केट) में खपाया जाना था। यहां पर तस्करी के सोने को स्टाक-एक्सचेंज में लगाकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था।
डीआरआई की टीम ने पकड़े गए सोने आंकलन किया था, जिसमें वैध रूप से इसे लाया जाता तो सरकार को लगभग 1.62 करोड़ आयात शुल्क मिल सकता था। तस्करी के सोने की रकम को गिरोह में वितरित किया जाता था।
नाइजर किया था गोल्ड परचेज एग्रीमेंट
डीआरआई टीम के हत्थे चढ़े मास्टरमाइंड मोहम्मद मियां के नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्ड परचेज एग्रीमेंट मिला है। जिसे साउथ अफ्रीका के नाइजर क्षेत्र के निवासी अहमद अल फारूजी से खरीदा गया था। उसके साथ ही सोने के व्यापार का समझौता हुआ था। पकड़ा गया सोना भी उसकी दुकान से ईंट के रूप में खरीदा गया था।
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