Muzaffarnagar: लैंडस्लाइड में इंजीनियर के इकलौते बेटे कार्तिक की हुई थी मौत, शव पहुंचने पर गांव में हर आंख नम
Muzzaffarnagar News मुजफ्फरनगर के इंजीनियर मिंटू कश्यप के परिवार पर वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन के कारण दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके बेटे कार्तिक की मृत्यु हो गई। पत्नी और बेटी घायल हुए। मौसम खराब होने के कारण चार दिन बाद शव पैतृक गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन में मारे गए इंजीनियर के इकलौते बेटे कार्तिक का शव शुक्रवार को पैतृक गांव में पहुंचा। गांव अलीपुर खुर्द (तिरपडी) में मौजूद स्वजन बिलखने लगे। अन्य लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
कार्तिक इंजीनियर मिंटू कश्यप का इकलौता पुत्र था। मिंटू परिवार के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला टिल्ला के किले मुहल्ले में रहते हैं। 24 अगस्त को मिंटू अपनी पत्नी संगीता, बेटी उमंग और साली की बेटी वैष्णवी को लेकर वैष्णो देवी यात्रा पर गए थे। 26 अगस्त को वैष्णो देवी मार्ग पर आई आपदा में पूरा परिवार भूस्खलन की चपेट में आ गया था। कुछ देर बाद कार्तिक का गांव के ही श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार और ग्रामीणों का रो-रो कर बुरा हाल है।
उधर, रामपुरी से यात्रा पर गए 23 लोगों में से अभी एक युवती लापता है। पांच लोगों की मौत हो चुकी है। रामपुरी से सभी श्रद्धालुओं को लेने के लिए परिवार के लोग गए हुए है। वह जम्मू कश्मीर के जेएमसी अस्पताल पहुंच गए। लापता युवती आकांक्षा की तलाश में जुटे है।
रविवार को ट्रेन से गए थे वैष्णो देवी यात्रा पर
नगर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला टिल्ला निवासी 46 वर्षीय इंजीनियर मिंटू कश्यप, उनकी पत्नी 42 वर्षीय संगीता, 22 वर्षीय इकलौता पुत्र कार्तिक, 25 वर्षीय पुत्री उमंग व उनके साले दीपक की पुत्री वैष्णवी रविवार को वैष्णो देवी यात्रा पर ट्रेन से गए थे। दर्शन करने के बाद जब वह लौट रहे थे तो वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए भूस्खलन की चपेट में आ गए।
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जिसमें कार्तिक की मौके पर ही मौत हो गई थी। संगीता और उमंग के पैर की हड्डी टूट गई थी। मिंटू ने किसी व्यक्ति के फोन से भाई बाबूराम को घटना के बारे में जानकारी दी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। बाबूराम मंगलवार रात परिवार को लाने के लिए वैष्णो देवी गए थे, लेकिन सभी लोगों को पुलिस ने मौसम खराब होने पर पठानकोट में ही रोक लिया था। बाद में मौसम ठीक होने पर वह आगे गए और शव लेकर मुजफ्फनगर रवाना हुए।
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