युवराज प्रकरण से सबक: गौतमबुद्ध नगर में होगी NDRF की स्थायी तैनाती, ओमीक्रोन-1A में तैयार हो रहे 50 आवास
जिले में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रोन-एक ए में एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती की तैयारी तेज हो गई है। युवराज मेहता प्रकरण के ...और पढ़ें

युवराज प्रकरण से सबक। फाइल फोटो
HighLights
ग्रेटर नोएडा में एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती तेज।
ओमीक्रोन-एक ए में जवानों के लिए आवास तैयार।
युवराज प्रकरण के बाद महसूस हुई थी जरूरत।
रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। जिले में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती की तैयारी तेज हो गई है। जिला प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से सेक्टर ओमीक्रान-एक ए में एनडीआरएफ जवानों के लिए आवास की व्यवस्था की जा रही है।
पहले चरण में यहां स्थित 50 सरकारी मकानों का चयन किया गया है। इन मकानों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है। मरम्मत पूरी होते ही इन्हें एनडीआरएफ को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इससे जिले में आपदा के दौरान त्वरित रिस्पांस सुनिश्चित हो सकेगा।
गोदाम के लिए जगह की तलाश जारी
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि केवल आवास ही नहीं, एनडीआरएफ के कार्यालय और उपकरणों के भंडारण के लिए गोदाम के लिए भी जगह की तलाश की जा रही है। इसके लिए कई स्थानों का सर्वे पूरा हो चुका है और जल्द ही फाइनल निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि एनडीआरएफ को एक ही परिसर में सभी सुविधाएं मिलें।
दरअसल, सेक्टर-150 में युवराज मेहता प्रकरण के दौरान रेस्क्यू आपरेशन में हुई देरी के बाद जिले में एनडीआरएफ की स्थायी मौजूदगी की जरूरत महसूस की गई। उस घटना के बाद शासन स्तर से भी निर्देश मिले थे कि आपदा प्रबंधन व्यवस्था को चौकस किया जाए। फिलहाल गाजियाबाद स्थित 8वीं बटालियन से जिले में एनडीआरएफ की टीमें भेजी जाती हैं।
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मिनटों में हो सकेगा रेस्क्यू
स्थायी ठिकाना बनने से गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों में बाढ़, भूकंप, बिल्डिंग हादसे या औद्योगिक दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में कुछ ही मिनटों में रेस्क्यू शुरू हो सकेगा। सेक्टर ओमीक्रोन-एक ए के मकान लंबे समय से खाली थे। इन्हीं को एनडीआरएफ के मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। रंगाई-पुताई, बिजली, पानी और सुरक्षा इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए एनडीआरएफ की तैनाती प्राथमिकता है। जेवर एयरपोर्ट और बड़ी औद्योगिक इकाइयों के कारण यहां विशेष आपदा दल जरूरी है।
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