करोड़ों के घरों में भी सुरक्षित नहीं जिंदगी, ग्रेटर नोएडा की सोसायटी में डर का माहौल; सामने आए कई मामले
ग्रेटर नोएडा की अरिहंत अंबर सोसायटी में प्लास्टर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। ...और पढ़ें
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अरिहंत अंबर सोसाटी। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। शहर की ऊंची इमारतों में फ्लैट की कीमत उससे भी ऊंची है। आम आदमी पूरे जीवन की कमाई एक घर खरीदने में लगा रहा है। यहां सुविधाओं के लिए अधिक शुल्क दे रहा है। इन सभी के बावजूद यहां सुविधाएं कम और खतरा ज्यादा है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसायटी में टावर का प्लास्टर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हाे गई। नोएडा में करीब 32 सोसायटियां और उनके टावर जर्जर हालत में हैं। हादसा यहां भी हो सकता है।
दैनिक जागरण जिम्मेदारों की जिम्मेदारी तय करते हुए समाचारीय अभियान शुरू कर रहा है। पेश है पहले दिन संवाददाता प्रवेंद्र सिंह सिकरवार की रिपोर्ट...
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसायटी में टावर से प्लास्टर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। नोएडा में भी घटिया निर्माण से बने टावरों से गिरते प्लास्टर की आए दिन घटनाएं हो रहीं हैं। सोसायटी की निर्माण गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया है। 32 से अधिक सोसायटियाें की निर्माण गुणवत्ता खराब है।
करोड़ों रुपये देकर सपनों का घर खरीदने वाले लोग हर रोज टावरों से गिरते प्लास्टर के नीचे कुचले जा रहे हैं। बिल्डर मुनाफे के चक्कर में घटिया सामग्री इस्तेमाल करते हैं, सोसायटी मैनेजमेंट भारी मेंटेनेंस फीस वसूलता है, लेकिन मरम्मत का नाम नहीं लेता। जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं और मौत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है। यह समस्या कम होने की बजाए बढ़ती जा रही है।
जर्जर हो चुकी हैं बालकनी
कई सोसायटियां बनने के तीन से चार वर्ष बाद ही जर्जर हालत में पहुंचने लगीं हैं। लोग डर के साए में जिम्मेदार जाग नहीं रहे हैं। नोएडा की शायद ही कोई सोसायटी ऐसी हो जिसमें प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने नहीं आई हैं। बालकनी जर्जर हो चुकी हैं। स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।
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जनता फ्लैट की दुर्दशा को किया था उजागर
एनसीएफ (नोएडा सिटीजन फोरम) की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बीते दिनों जनता फ्लैट का दौरा किया। जर्जर इमारत टूटे पिलर और बदहाली में रहते निवासियों की स्थिति दर्शाते हुए प्राधिकरण और नोएडा विधायक से शिकायत की लेकिन कार्रवाई सिफर रही।
- फरवरी 2024: सेक्टर-143 की गुलशन इकेबाना सेक्टर 143 नोएडा के प्ले एरिया में छत से प्लास्टर गिरा।
- अक्टूबर 2025: सेक्टर-107 की ग्रेट वैल्यू शरणम में प्लास्टर टूटकर गिरा था।
- नवंबर 2025: सेक्टर-119 की द अराण्या सोसायटी में प्लास्टर गिरा था।
- अप्रैल 2026: अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-1 में 22वीं मंजिल से प्लास्टर टूटकर गिरा था।
हमारे जनप्रतिनिधि इन सब घटनाओं पर एक दम शांत रहतें जो कि आम जनता के लिए शर्म की बात है।। प्लास्टर गिरने का सिलसिला कायम है पर बिल्डर द्वारा प्लास्टर रिपेयर का कार्य अब कराया जा रहा। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की मदद से बिल्डरों पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। - ब्रजेश शर्मा, अंतरिक्ष गोल्फ व्यू 2
बिल्डर द्वारा लेंटर के ऊपर बालकनी की ग्रिल के लिए जो काम किया है वह बहुत ही घटिया क्वालिटी का और लेबल नहीं है। जिसको बराबर लाने के लिए कितना मोटा प्लास्टर किया जो दिखता नहीं है अब हमें फिर से यह काम अपने खर्चे पर करवाना पड़ेगा करोड़ का खर्चा है। बिल्डर और प्राधिकरण से शिकायतों का कोई जवाब नहीं मिलता है। - अमित गुप्ता, प्रतीक विस्टीरया
सोसायटी की हालत बदतर और जर्जर हो रही है। बिल्डर एक कार्य पूरा नहीं कर रहा है। काम के नाम पर खानापूरी होती है। शिकायतों का हल नहीं होता है। प्राधिकरण ने तो हम लोगों की शिकायतों को सुनना ही छोड़ दिया है। सैकडों परिवार चारों ओर से खतरे से घिरे हुए हैं लेकिन सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। - मनोज कुमार, फ्यूटेक गेटवे