वर्तमान में ड्रोन युद्ध नीति में उपयोगी, इसे रक्षा नीति में शामिल करने का समय: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में राफे एमफाइबर फैक्ट्री में रक्षा उपकरण और ड्रोन निर्माण इकाई का लोकार्पण किया। राजनाथ सिंह ने ड्रोन की युद्ध में उपयोगिता पर बल दिया और आत्मनिर्भरता की आवश्यकता बताई। कंपनी 2030 तक भारत को लड़ाकू विमानों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है।

जागरण संवाददाता, नोएडा। देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा फेज दो स्थित राफे एमफाइबर फैक्ट्री परिसर में रक्षा उपकरण व ड्रोन निर्माण इकाई, एयरक्राफ्ट इंजन व डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण किया। ड्रोन प्रदर्शनी का दौरा किया।
इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान में ड्रोन युद्ध नीति में उपयोगी और देशों को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे वंचित राष्ट्र पीछे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन का बड़े पैमान पर प्रयोग हुआ।
ड्रोन को रक्षा नीति में शामिल करने का समय है। पहले हर संघर्ष के पीछे जमीन कारण होती थी। समय बदला तो आर्थिक व्यवस्था का आधार उद्योग हो गए, लेकिन चार पांच दशक से इसको तकनीक साम्राज्यवाद विस्थापित कर रहा है।
हमें तकनीक व नवाचार के महत्व को समझना होगा। हालांकि भारत उभरती हुई तकनीक वाला देश बन रहा है। बदलती दुनिया में आत्मनिर्भरता के विकल्प को अंतिम मानते हुए आगे बढ़ रहा है। राफे एमफाइबर जैसी कंपनी इसको साकार करने में लगी हैं।
यहां 2800 डिग्री उच्च तापमान सहने वाले संयंत्र में वैश्विक स्तर के अनोखे ड्रोन बनाए जा रहे हैं। वह कंपनी के प्रत्यक्षम किम प्रमाणम ध्येय वाक्य को पूरा कर रहे हैं। इसके पीछे कंपनी चेयरमैन विकास मिश्रा व सीइओ विकास मिश्रा, दाेनों भाई की लगन है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के इज आफ डूईंग पहल की सरहना की। इससे प्रदेश एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नया व सुनहरा अध्याय लिखा जा रहा है। यहां स्टार्टअप का इकोसिस्टम खड़ा हो रहा है।
2030 तक फाइटर प्लेन में भारत होगा आत्मनिर्भर होगा
अमेरिका-चीन के रडार की पकड़ में हमारे ड्रोन नहीं आएंगे। इस तकनीक से नोएडा में हाई एंड ड्रोन विकसित किया जा रहा है। इस तकनीकी को फेस टू स्थित रफे एम फाइबर कंपनी दो माह में विकसित कर लेगी।
यह दावा कंपनी चेयरमैन विकास मिश्रा ने शनिवार को कहा कि कंपनी के आरएंडडी प्लांट पर 600 साइंटिस्ट व इंजीनियर काम में जुटे है। कंपनी का लक्ष्य है कि भारत की लड़ाकू विभाग पर विदेश की निर्भरता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। वर्ष 2030 तक भारत लड़ाकू विभाग में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बना दिया जाए।
कंपनी इस पर कर रही काम
- मानव रहित यान
- एमआर 10 स्वार्म ड्रोन
- एमआर 20 हाई एल्टीट्यूड यानी अधिक ऊंचाई वाले ड्रोन
- भारत-इंसान द्वारा आपरेट किया जाने वाला पोर्टेबल ड्रोन
- एक्स-8 समुद्र में निगरानी करने वाला प्लेटफार्म बताया गया कि इनमें से कई सिस्टम्स का इस्तेमाल आपरेशन सिंदूर में किया गया था।
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