जमीनी हकीकत सामने आने पर पुलिस आयुक्त हुईं नाराज, नोएडा सेक्टर-49 थाना व सेक्टर 110 चौकी प्रभारी पर गिरी गाज
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने गौतमबुद्ध नगर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और पुलिस की उदासीनता पर नाराजगी जताई। उन्होंने सेक्टर 49 थाना प्रभारी को लाइन हाजि ...और पढ़ें

जमीनी हकीकत सामने आने पर पुलिस आयुक्त हुईं नारा। (AI Generated Image)
जागरण संवाददाता, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह की सख्ती के बाद भी आमजन की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने और उदासीन रवैया अपनाने। हाल में छिनैती, चोरी जैसे अपराध का ग्राफ बढ़ने। थाना क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण से जाम लगने की शिकायते मिलीं तो सेक्टर 52 में रविवार को आयोजित फोनरवा की बैठक में पुलिस आयुक्त नाराज हो गईं। कागजी कार्रवाई से इतर जमीनी हकीकत सामने आने पर तत्काल एक्शन लिया।
बैठक में ही सेक्टर 49 थाना प्रभारी सुनील भारद्वाज को लाइन हाजिर और सेक्टर 110 चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया। वर्तमान व पूर्व हरिदर्शन चौकी प्रभारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच व विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। फेज दो, सेक्टर 58, सेक्टर 24 को तल्ख लेहजे में चेतावनी भी दी।
नागरिक समस्याओं को सुना
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बैठक में फोनरवा, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों, सेक्टर व आवासीय क्षेत्रों की संबंधित नागरिक समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि हर माह क्राइम मीटिंग में आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुनने के साथ-साथ छिनैती, चोरी, चाकूबाजी, अवैध अतिक्रमण पर लगाम लगाने के सख्त निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर आमजन के साथ थाना क्षेत्रों में पुलिस अलग ही बर्ताव कर रही है।
यह किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर उनको खुद आमजन की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए सेक्टर सोसायटी में बैठके करनी पड़े तो वह पहले जिम्मेदार थाना और चौकी प्रभारी पर कार्रवाई करने को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने आमजन को आश्वासन दिया कि हर थाना व चौकी क्षेत्र में पुलिस सही से संवाद करेगी। किसी भी हाल में पुलिसकर्मियों का उदासीन रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बैठक में दिए निर्देश
- जाेन में डीसीपी माह में एक बार, थाना प्रभारी 15 दिन व चौकी प्रभारी सात दिन में आरडब्ल्यूए संग बैठक करेंगे।
- पुलिस अधिकारी फोनरवा व आरडब्ल्यूए संग समन्वय बनाकर एक-एक पार्क गोद लेंगे।
- सेक्टरों में व सोसायटी के आसपास संवेदनशील चिह्नित करने, गश्त व पेट्रोलिंग बढ़ाने पर जोर दिया।
- दिल्ली की तरह सेक्टरों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्थापन कराना।
- आमजन के सहयोग से कम्युनिटी पुलिसिंग करना।
- सेक्टर व साप्ताहिक बाजारों में यातायात व सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करना।
- सेक्टरों में स्कूल बस खड़ी होने से रोकना, लावारिस वाहन हटवाना व किरायेदारों का सत्यापन कराना।
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