पिता के कातिल बेटे का खौफनाक कबूलनामा, पछतावा कर अकेले में खूब रोया; सिर्फ डांटने पर कर डाली थी निर्मम हत्या
नोएडा में एक पिता ने बेटे को कार दिलाई और उसकी शादी भी कराई, लेकिन जब कार की किश्त भरने में सहयोग मांगा तो बेटे ने इनकार कर दिया। ...और पढ़ें
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एक साल बाद की सहयोग की बात तो नाराज बेटे ने की हत्या। जागरण
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र के डूब क्षेत्र में रहने वाले एक पिता ने अपने बेटे को पैरों पर खड़ा करने और उसकी शादी करने के लिए एक साल पहले खुद लोन लेकर मारूति स्विफ्ट डिजायर मॉडल कार दिलाई।
वहीं, किश्त का बोझ कम करने के लिए बेटे से सहयोग मांगा। इनकार करने पर पिता ने डांटा तो कलयुगी बेटा इतना बुरा मान बैठा कि गुस्से में आकर पिता की 28 फरवरी की रात निर्मम हत्या कर भाग गया।
जांच के दौरान परिजन और पुलिस के साथ भी रहा, लेकिन बेटे की बयानों में भिन्नता, घटना के दौरान लोकेशन और कार के टायरों के निशान के आधार पर पुलिस सख्ती से पेश आई तो कलयुगी बेटे टूट गया। उसने गुस्से में आकर अपराध करना स्वीकार किया।
बदायूं के जरीफनगर दुर्गपुर गांव के रहने वाले राकेश कुमार नोएडा एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र के सेक्टर 135 यमुना डूब क्षेत्र में बालाजी धर्म कांटे के पास झोपड़ी डालकर रहते थे। वह पास के ही मिक्सर प्लांट पर ट्रक चलाते थे।
उन्होंने अपने बड़े बेटे सत्येंद्र को एक साल पहले अपने बैंक खाते पर लोन लेकर कार दिलाई थी। अपनी तरह बेटे को कार चालकर बनाकर पैरों पर खड़ा कर दिया था। दो माह पहले शादी भी कर दी थी। बेटे को सेक्टर 135 में कमरा भी दिला दिया था। किश्त देने में सहयोग करने संबंधी बात करने को राकेश ने 28 फरवरी की रात बेटे को डूब क्षेत्र स्थित घर पर बुलाया था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य होली के चलते गांव गए हुए थे।
बेटे ने सहयोग देने से मना किया तो राकेश ने नाराजगी जताई। बेटे को डांटते हुए एक-दो थप्पड़ मार दिए। इस बात पर सत्येंद्र नाराज हो गया था। उसने पास में खड़े ट्रैक्टर से लोहे की राड निकाली और पिता के सिर पर कई बार मारकर हत्या कर दी थी। चुपचाप कार लेकर चला गया था।
सुबह को पुलिस से जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचा, लेकिन शव से दूर बैठकर रोने पर पुलिस को शक हो गया था। सर्विलांस से उसकी लोेकेशन घटनास्थल की मिली। घटना के दौरान खुद के ग्रेटर नोएडा में होने की जानकारी दी।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि सत्येंद्र को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने गुस्से में आकर पिता की लोहे की राड मारकर हत्या करना स्वीकार किया। आरोपित के पास से लोहे की राड और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए। आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पछतावा कर अकेले में खूब रोया बेटा
एसीपी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि घटना को अंजाम देने के सत्येंद्र कार लेकर भाग गया था। सेक्टर 151 में कार में लेटा रहा। अपने किए पर पछतावा कर अकेले में खूब देर तक रोता भी रहा। उस रात को कार में ही सो गया था। फोन से जानकारी होने पर घटनास्थल पहुंचा था। पोस्टमॉर्टम कराकर शव गांव भी ले गया था। अंतिम संस्कार से लेकर अन्य अनुष्ठान पर भी पूरे कराता रहा। उधर, बेटे की बजाय राकेश के पिता इंद्रलाल ने एक मार्च को एक्सप्रेसवे थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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