पीलीभीत के जंगलों में मुस्तैद होंगे अग्निवीर, उत्तराखंड के फैसले के बाद जगी स्पेशल फोर्स के गठन की उम्मीद
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए अग्निवीरों को स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में शामिल करने की तैयारी है। उत्तराखंड में ऐसी फोर्स को म ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व
HighLights
तीन वर्ष से लंबित है स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन
मई में शासन ने स्थानीय अफसरों से दोबारा मांगी थी जानकारी
सृजित अवस्थी, पीलीभीत। चार वर्ष देश सेवा कर चुके सेना के अग्निवीरों को स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का हिस्सा बनाने की तैयारी है। वे इस फोर्स का सदस्य बनकर बाघों की सुरक्षा एवं मानव-बाघ संघर्ष रोकने में सहायक बनेंगे। मई में शासन ने इस संबंध में पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन से जानकारियां मांगी थीं, जिस पर निर्णय का इंतजार है। इस बीच शुक्रवार को उत्तराखंड में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को मंजूरी दे दी। इसी आधार पर उम्मीद जताई जा रही कि यहां भी प्रोटेक्शन फोर्स पर शीघ्र कोई कदम उठाया जा सकता है।
वर्ष 2023 में पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने शासन को स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का प्रस्ताव भेजा था। इसके पीछे तर्क था कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र नेपाल, लखीमपुर खीरी, उत्तराखंड की सीमाओं से सटा है। विस्तृत क्षेत्र होने के कारण वनकर्मी, वन पुलिस, वन वाचर या टाइगर रिजर्व प्रशासन के अन्य संसाधन इतने वृहद नहीं हैं कि हर तरफ निगाह रखी जाए।
स्थानीय जंगल में 80 से अधिक बाघ हैं। अन्य संरक्षित एवं दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा, निगरानी भी जरूरी है। बाघों के जंगल के बाहर निकलने पर मानव से संघर्ष की स्थिति में दोहरा नुकसान होता है। इन सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया जाए, जो मूल रूप से बाघ संरक्षण पर ध्यान दे।
अधिकारियों ने सुझाव दिया था कि चार वर्ष की ड्यूटी कर लौट आए अग्निवीरों को फोर्स में रखा जाए। वे हर स्थिति का सामना करने को तैयार रहते हैं, दुर्गम क्षेत्र या कठिन परिस्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। शासन ने इस प्रस्ताव पर विचार का आश्वासन दिया था।
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स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 31 जवानों एवं अधिकारियों की नियुक्ति की जरूरत होगी। मई में शासन ने पुराने प्रस्ताव के संदर्भ में कुछ जानकारियां मांगी थीं। उत्तराखंड सरकार ने अपने जंगलों को सुरक्षित करने के लिए फोर्स का गठन किया, वहां भी अग्निवीरों की मदद ली गई है। संभव है कि यहां भी यही व्यवस्था लागू कर दी जाए।
730 वर्ग किमी में फैला है टाइगर रिजर्व में बाघों
दरअसल, 730 वर्ग किमी में फैले इस विशाल टाइगर रिजर्व में बाघों की सघन आबादी है। इसमें पीटीआर में मौजूदा समय में कुल स्वीकृत 137 पदों के सापेक्ष महज 62 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। वहीं, 75 पद अभी भी रिक्त हैं। ऐसे में यहां विशेष दल काफी आवश्यक हो जाता है।