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    दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर को मिली रफ़्तार, रेलवे ने प्रोजेक्ट के लिए लागू की 'फास्ट ट्रैक' नीति

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 06:00 AM (IST)

    रेलवे ने दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर सहित आर्थिक गलियारों के तहत नई रेल परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक नीति से पूरा करने का निर्णय लिया है। पीएम गति श ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर का काम फास्ट ट्रैक नीति से शुरू होगा। इसके लिए रेलवे ने अपनी कार्य योजना में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड ने 'इकोनामिक कॉरिडोर' के अंतर्गत आने वाली नई रेल लाइन परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक यानी बेहद तेजी से पूरा करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

    पीएम गति शक्ति मिशन के अब देश के तीन प्रमुख आर्थिक गलियारों—ऊर्जा, खनिज एवं सीमेंट कॉरिडोर, हाई ट्रैफिक डेंसिटी रूट्स और रेल सागर कॉरिडोर के तहत आने वाली सभी नई रेल परियोजनाओं पर काम शुरू करने के लिए पुरानी जटिल प्रक्रियाओं का इंतजार नहीं करना होगा।

    इसका सबसे बड़ा फायदा दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर को मिलेगा। कॉरिडोर के तहत आने वाले प्रोजेक्ट्स को विशेष प्रावधानों के तहत त्वरित मंजूरी दी जाएगी। इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोन के महाप्रबंधक और कोर मुख्यालय प्रयागराज को भी 23 फरवरी को पत्र जारी कर दिया गया है।

    अब जिन प्रोजेक्ट की डीपीआर को रेलवे बोर्ड की 'प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन कमेटी' द्वारा पहले ही मंजूरी मिल चुकी हो और वित्तीय लाभ का अनुमान 10 प्रतिशत से अधिक हो वहां बिना देरी के काम शुरू होंगे। 23 फरवरी को रेलवे बोर्ड के निदेशक गति शक्ति ने इसके लिए सभी जीएम को पत्र जारी कर दिया है।

    कहा है कि कि इन कॉरिडोर के तहत आने वाली परियोजनाओं को अब उन विशेष प्रावधानों का लाभ मिलेगा, जो पहले केवल चुनिंदा बड़े प्रोजेक्ट्स तक सीमित थे। इस नीतिगत बदलाव के पीछे उद्देश्य लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत को कम करना है।

    ऊर्जा और खनिज कॉरिडोर में तेजी आने से बिजली संयंत्रों तक कोयले की आपूर्ति और निर्माण क्षेत्रों तक सीमेंट की पहुंच सुगम होगी। वहीं, रेल सागर कारिडोर के माध्यम से बंदरगाहों को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ना आसान हो जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति मिलेगी।

    हाई ट्रैफिक डेंसिटी रूट्स पर नई लाइनें बिछने से यात्री ट्रेनों के दबाव में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ आम यात्रियों को समयबद्धता और नई ट्रेनों के संचालन के रूप में मिलेगा। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड के निर्देश के क्रम में ही यह कार्य शुरू होंगे।

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