पूर्व जिपंस की हत्या कर रेलवे लाइन पर फेंकी थी लाश, प्रयागराज पुलिस ने 72 घंटे बाद लावारिस में शव की कर दी अंत्येष्टि
प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव की हत्या का राजफाश हो गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपित की सास समेत दो को गिरफ्तार किया है। अवैध संबंधों के चलते 22 अगस्त को रणधीर की गला दबाकर हत्या की गई और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। पत्नी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सात दिन से लापता रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव मामले का राजफाश हो गया है। जिस लाश को बमरौली रेलवे स्टेशन के आउटर पर क्षत-विक्षत हालत में पाया गया था और पूरामुफ्ती पुलिस ने महज 72 घंटे बाद लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया, वही शव रणधीर यादव का निकला।
मामले में पुलिस की ढिलाई
पुलिस की ढिलाई ने न केवल अपराधियों को खुला मैदान दे दिया, बल्कि स्वजन की गुमशुदगी तहरीर और स्कार्पियो बरामदगी के बावजूद शव की पहचान का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया। 22 अगस्त हो हुई हत्या के पीछे अवैध संबंध की बात सामने आई है। पुलिस ने मुख्य आरोपित उदय यादव की सास समेत दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। नामजद समेत छह आरोपित फरार हैं, पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
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पत्नी वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं
कौड़िहार के हथिगहां मोहम्मदपुर गांव निवासी रणधीर यादव पूर्व जिला पंचायत सदस्य थे। वर्तमान में उनकी पत्नी बबली यादव जिला पंचायत सदस्य हैं। 22 अगस्त की शाम करीब पांच बजे रणधीर अकेले स्कार्पियो से निकले तो वापस नहीं लौटे। देर रात पत्नी बबली ने नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
23 अगस्त को स्कार्पियो वाहन चित्रकूट की घाटी में मिली थी
पुलिस की जांच में आया कि रणधीर अपने साथी नवाबगंज के तुलसीराम का पूरा इब्राहिमपुर के राम सिंह यादव के साथ स्कार्पियो में थे। हथिगहां के पास ढाबे से खाना पैक कराया, यहीं पर दोनों ने शराब पी थी। हालांकि, बबली ने राम सिंह के बारे में अनभिज्ञता जाहिर किया। 23 अगस्त की दोपहर स्कार्पियो चित्रकूट स्थित घाटी में मिली थी।
पत्नी ने अपहरण का दर्ज कराया था मुकदमा
25 को बबली यादव ने पुन: तहरीर देकर राम सिंह व पड़ोस में रहने वाले उसके चचेरे भाई उदय यादव के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। गुरुवार सुबह पुलिस ने राम सिंह को भगौतीपुर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी गंगानगर ने बताया घटनाक्रम
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने प्रेसवार्ता की। बताया कि राम सिंह यादव प्रतापगढ़ जनपद में पीडब्ल्यूडी में स्टेनो हैं। पूछताछ में उसने बताया कि उदय यादव की पत्नी अंजली से रणधीर के अवैध संबंध थे। यह बात उदय के साथ ही उसके ससुरालवालों को भी पता चल गई थी। 11 जुलाई को अंजली की संदिग्ध दशा में मौत हो गई थी। इसके बाद रणधीर यादव की हत्या की योजना बनाई गई।
चार लोगों ने रची थी हत्या की साजिश
बताया कि उदय ने अपनी सास लीला यादव निवासिनी उमरपुर नीवां, धूमनगंज, अपने भाई विजय, दुकान में काम करने वाले सुजीत श्रीवास्तव व तीन अन्य के साथ पूरी साजिश रची। राम सिंह ने बताया कि 22 अगस्त की रात उसने रणधीर को जमकर शराब पिलाई। वह नशे में धुत हो गया तो स्कार्पियो लेकर फाफामऊ की तरफ निकला। मलाक हरहर चौराहे के पास उदय, विजय, सुजीत व तीन अन्य वाहन में सवार हो गए।
चलती स्कार्पियो में गला दबाकर की गई थी रणधीर की हत्या
चलती स्कार्पियो में ही रणधीर की गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को बमरौली रेलवे स्टेशन स्थित आउटर पर ट्रैक पर फेंक दिया। स्कार्पियो को छिपाने के लिए चित्रकूट स्थित जंगल में गए थे, लेकिन कीचड़ में टायर फंसने से वह सफल नहीं हो सके। डीसीपी गंगानगर ने बताया कि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं।
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