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    Shani Jayanti 2026 : साढ़े साती और ढैय्या व अशुभ प्रभावों से मुक्ति के लिए राशि अनुसार ऐसे करें पूजन, मिलेगा विशेष लाभ

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Mon, 11 May 2026 04:09 PM (IST)

    16 मई को दुर्लभ संयोग में शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें शनिश्चरी अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन विधि-विधान से पूजन और दान करने स ...और पढ़ें

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    Shani Jayanti 2026 16 मई को दुर्लभ संयोग में शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाएगा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Shani Jayanti 2026 अधर्म का नाश करके भक्तों पर न्याय करने वाले शनिदेव का जन्मोत्सव चंद दिनों बाद यानी 16 मई को मनाया जाएगा। दुर्लभ संयोग में शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें यम-नियम से स्तुति करने वाले भक्तों का कल्याण होगा।

    शनिश्चरी अमावस्या का अद्भुत संयोग : आचार्य अमित 

    ज्योतिषाचार्य आचार्य अमित बहोरे के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या पर 16 मई को शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसमें शनिश्चरी अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन की गई पूजा, दान, मंत्र जाप व सेवा कार्य का कई गुना अधिक फल प्राप्त होगा। बताया कि शनिदेव के जन्मोत्सव वाले दिन शनि की साढ़े साती, ढैय्या अथवा अशुभ प्रभावों से परेशान लोगों को उनकी स्तुति करनी चाहिए। श्रद्धा से किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक समस्याओं में राहत मिलने की संभावना प्रबल हो जाती है।

    mit Bahore

    शनि जयंती पर क्या करें

    Shani Jayanti 2026 शनिदेव के जन्मोत्सव वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शनिदेव की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाएं। सरसों का तेल में काला तिल मिलाकर अभिषेक करना चाहिए। शनिदेव की प्रतिमा पर नीले फूल अर्पित करना कल्याणकारी होता है। पूजन के बाद “ऊं शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जप करना चाहिए। शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। इससे शनि दोष में कमी आती है।

    करें दान और सेवा

    शनिदेव के जन्मोत्सव पर दान करना शुभ होता है। इसमें काला तिल, उड़द की दाल, कंबल, जूते-चप्पल, लोहे की वस्तुएं, काला कपड़ा, सरसों का तेल दान करना चाहिए। दिव्यांगों, बुजुर्गों, गरीबों की सेवा करने से शनिदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

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    इन कार्यों को करने से बचना चाहिए 

    Shani Jayanti 2026 शनिदेव के जन्मोत्सव वाले दिन कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए। इस दिन सरसों का तेल खरीदकर घर न लाएं। मांस-मदिरा व तामसिक भोजन न करें। बाल और नाखून न काटें, नए काले वस्त्र खरीदने से बचना चाहिए।

    राशि अनुसार विशेष उपाय

    मेष
    गुड़, फल और पानी से भरा मिट्टी का घड़ा दान करें।
    वृषभ
    पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काले तिल का दान करें।
    मिथुन
    काली उड़द, जूते-चप्पल एवं वस्त्र दान करें।
    कर्क
    नीले वस्त्र दान करें और शनि मंत्रों का जाप करें।
    सिंह
    छाया दान करें तथा फलों का दान करें।
    कन्या
    सरसों का तेल और हरे वस्त्र दान करना लाभकारी रहेगा।
    तुला
    काली गाय को गुड़ लगी रोटी खिलाएं।
    वृश्चिक
    जल, अन्न एवं वस्त्र का दान शुभ रहेगा।
    धनु
    कंबल और छाते का दान विशेष लाभ देगा।
    मकर
    दिव्यांग या बुजुर्ग व्यक्ति की सहायता करें।
    कुंभ
    नीले वस्त्र, काले तिल और लोहे की वस्तुएं दान करें।
    मीन
    पीले फल, मिठाइयां और चावल का दान शुभ रहेगा।

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