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    UPPCS Interview 2024: भारतीय लोकतंत्र-SIR-UGC-फेक न्यूज से पूछे गए सवाल, बुलडोजर जस्टिस-AI के भी रहे शामिल

    Updated: Tue, 17 Feb 2026 01:42 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पीसीएस-2024 साक्षात्कार में भावी प्रशासकों की बौद्धिक परिपक्वता, नैतिक दृष्टि और तकनीकी समझ परखी गई। 12-15 मिनट के संक्ष ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सोमवार से शुरू हुए पीसीएस-2024 के साक्षात्कार में भावी प्रशासकों की बौद्धिक परिपक्वता, नैतिक दृष्टि और पर्यावरण, राजनीति तथा तकनीकी समझ की परीक्षा ली गई। 12 से 15 मिनट के संक्षिप्त समय में बोर्ड के प्रश्न में पर्यावरण, संवैधानिक व्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटलिजेंस के अनुप्रयोग, अंतरराष्ट्रीय संबंध, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता सब एकसाथ समाहित दिखे।

    साक्षात्कार कक्ष में अरावली में अवैध खनन पर प्रश्न किया गया। अभ्यर्थी से पूछा गया कि यदि वह जिले के अधिकारी हों तो पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन कैसे स्थापित करेंगे? इसमें एआइ का अनुप्रयोग कैसे होता। 'बुलडोजर जस्टिस' पर सवाल से विधि-राज, न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक सीमाओं की समझ को परखा। इंटरनेट मीडिया बैन, आचार संहिता का पालन और चुनाव में निष्पक्षता जैसे विषयों पर भी संतुलित दृष्टिकोण जाना गया।

    भारत-अमेरिका संबंध, दबाव की राजनीति और रणनीतिक स्वायत्तता बनाम गुटनिरपेक्षता का अंतर स्पष्ट करने को कहा गया। एआइ, राजनीति और तकनीकी समझ से जुड़े प्रश्न भी अहम रहे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है? मशीन लर्निंग की तकनीकी बुनियाद क्या है? एआइ बनाम मानव बुद्धिमत्ता और मानवता के लिए संभावित खतरे जैसे प्रश्नों से तकनीकी और दार्शनिक दोनों स्तरों पर सोच को परखा।

    राजनीति विज्ञान विषय वाले विद्यार्थियों से पूछा गया कि क्या एआइ लोकतंत्र, चुनावी रणनीति और जनमत निर्माण को प्रभावित करेगा। अविश्वास प्रस्ताव की संवैधानिक स्थिति, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला की भूमिका तथा चुनावी पारदर्शिता पर सवाल हुए। विपक्ष द्वारा उठाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों पर तथ्यपरक और संस्थागत दृष्टिकोण रखने को कहा गया।

    एसआइआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) को समस्या या शुद्धिकरण प्रक्रिया दोनों नजरियों से विश्लेषित करने को कहा गया। वैश्विक परिप्रेक्ष्य और विदेश नीति पर भी प्रश्न हुए। मुद्रास्फीति कम होने के बावजूद कीमतें क्यों बढ़ती रहती हैं इस पर अवधारणात्मक स्पष्टता मांगी गई। बेरोजगारी, जीडीपी की गणना विधियां और विकास दर के वास्तविक प्रभाव पर भी प्रश्न पूछे गए।

    एसडीएम हैं तो दंगे से कैसे निपटेंगे

    एक उम्मीदवार ने बताया कि उनसे पूछा गया कि यदि आप एसडीएम हों और दो समुदायों के बीच दंगा भड़क जाए तो शांति कैसे बहाल करेंगे? इस प्रश्न ने उनकी त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशील नेतृत्व की परीक्षा ली गई। बच्चों में मोबाइल के बढ़ते उपयोग के सामाजिक प्रभावों पर राय पूछी गई, ताकि यह समझा जा सके कि भावी अधिकारी समाज के बदलते स्वरूप को किस नजर से देखते हैं। प्रशासनिक पद पर कार्यरत उम्मीदवार से जेल में बंदियों के पुनर्वास और संकट प्रबंधन पर प्रश्न किए गए।