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    EPFRO ने BDO को गिरफ्तार करने के लिए SP को जारी किया वारंट, मनरेगा कर्मियों के 181386 गटकने का आरोप

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 09:35 PM (IST)

    कर्मचारी भविष्य निधि रिकवरी अधिकारी ने डलमऊ के खंड विकास अधिकारी राकेश सचान (अशोक सचान) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट मनरेगा संविदा ...और पढ़ें

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    संवादसूत्र, डलमऊ (रायबरेली)। कर्मचारी भविष्य निधि रिकवरी अधिकारी ने अरेस्ट वारंट जारी कर खंड विकास अधिकारी राकेश सचान को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक रवि कुमार को अरेस्ट वारंट जारी किया है। वारंट में कहा गया कि बीडीओ द्वारा कर्मचारियों का पैसा भविष्य निधि खाते में नही जमा किया गया।

    मनरेगा के संविदा कर्मियों के भविष्य निधि खाते में 25 प्रतिशत की धनराशि जमा होती है, जिसमें 12 प्रतिशत की कटौती श्रमिक के मानदेय से और 13 प्रतिशत की धनराशि शासन वहन करता है। डलमऊ में एक एपीओ, एक कंप्यूटर आपरेटर, 5 तकनीकी सहायक व 39 ग्राम रोजगार सेवक सहित 46 कर्मचारी मनरेगा में संविदा पर तैनात हैं।

    वारंट में क्या कहा?

    जारी वारंट में कहा गया कि अक्टूबर 2020 से अक्टूबर 2021 तक मनरेगा कर्मियों के भविष्य निधि का पैसा 177336 रुपये खाते में जमा करना था, लेकिन पैसा समय पर नही जमा किया गया। इस पर कर्मचारी भविष्य निधि रिकवरी अधिकारी द्वारा बीडीओ पर 4050 की पेनाल्टी लगाई। पत्र में कहा गया कि मूल धनराशि पेनाल्टी सहित 181386 रुपये 27 मार्च तक जमा करना अनिवार्य है। वारंट में कहा कि धनराशि नही जमा करने पर बीडीओ को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।

    मामले की जानकारी होने पर बीडीओ डलमऊ ने उपायुक्त मनरेगा प्रमोद सिंह चंद्रौल को पत्र भेजकर बताया कि कर्मियों के ईपीएफ की धनराशि समय-समय पर शासन स्तर से प्राप्त होने के बाद चालान के माध्यम से जमा की गई है।

    उपायुक्त मनरेगा पीएस चंद्रौल ने बताया कि बीडीओ अशोक कुमार सचान द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि की धनराशि कर्मियों के ईपीएफ खाते में जमा होने की बात बताई गई है, जिसका विवरण पत्र द्वारा बीडीओ से प्राप्त हुआ है।

    आयुक्त को पत्र भेजकर मांगा मार्गदर्शन

    मामले में ग्राम आयुक्त को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा गया है। खंड विकास अधिकारी अशोक सचान ने बताया कि 2020-21 का मामला है, उस समय मेरी तैनाती डलमऊ में नहीं थी। इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है।