रामपुर: 'बलि' के इरादे से भाई-बहन को उठा ले गया था तांत्रिक, 8 साल बाद कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
न्यायालय ने मासूम भाई-बहन के अपहरण और बलि के इरादे से ले जाने के मामले में तांत्रिक शकील को 10 साल कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
पुलिस ने जंगल से बरामद किए थे दोनों बच्चे
जागरण संवाददाता, रामपुर। बलि के इरादे से मासूम भाई-बहन का अपहरण करने के मामले में न्यायालय ने तांत्रिक को दोषी मानते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। अपहरण का यह मामला मिलक कोतवाली क्षेत्र का है। गांव क्रमचा निवासी मशरूफ ने सात फरवरी 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उनका कहना था कि गांव में शादी थी। परिवार के लोग शादी में व्यस्त थे। घर पर बहनोई का भाई शकील आया था, जो भोट थाना क्षेत्र के नवादा गांव का रहने वाला है। शकील उनके बेटे मेहरान और बेटी मुस्कान को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। वह तंत्र मंत्र करता है।
मामला बच्चों के अपहरण का होने पर पुलिस तत्काल खोजबीन में जुट गई। शकील के गांव पहुंची। वह नहीं मिला। शक और बढ़ गया। अनहोनी के कारण परिवार और पुलिस दोनों डरे हुए थे। पुलिस ने हर संभावित स्थान पर दबिश दी। पुलिस की भागदौड़ रंग लाई।
सूचना मिली की तांत्रिक सिहारी गांव के जंगल में है। पुलिस वहां पहुंची तो तांत्रिक बच्चों के साथ तंत्र मंत्र करता दिखाई दिया। पुलिस ने उसके कब्जे से बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस काे वहां तंत्र मंत्र विद्या का सामान, किताबें और हसिया भी मिला। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
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विवेचना मिलक में तैनात तत्कालीन उप निरीक्षक कृष्ण औतार शुक्ला ने की। उन्होंने विवेचना पूरी कर शकील के खिलाफ 12 जुलाई 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता का कहना था कि मामला रंजिश का है। शकील को झूठा फंसाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से घटना के समर्थन में कई गवाह और साक्ष्य पेश किए गए। अभियोजन का कहना था कि गवाहों और साक्ष्यों ने घटना को साबित किया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे प्रथम कोर्ट के न्यायाधीश ने शकील को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस की ओर से थाना मिलक के पैरोकार आरक्षी अवनीश कुमार ने भी पैरवी में सहयोग किया। उधर, एडीजे पांच के न्यायालय ने भी गैंगस्टर के मामले में टांडा थाना क्षेत्र के मुहल्ला सेढ़ूवाला के मकसूद उर्फ मूसा को दो साल तीन माह के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।