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    30 से ज्यादा फोटो दिखाने पर हुई पहचान, शाहजहांपुर में 6 साल की बच्ची के दुष्कर्मी को 20 साल की जेल

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 09:23 AM (IST)

    शाहजहांपुर में छह वर्षीय बच्ची से दरिंदगी के दोषी 65 वर्षीय जुगेंद्र को कोर्ट ने 20 साल की जेल और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। छह वर्षीय बच्ची से दरिंदगी करने वाला जुगेंद्र 20 वर्ष सलाखों के पीछे रहेगा। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो) शिवकुमार तृतीय ने उसे सजा सुनाई। दरिंदा जुगेंद्र 65 वर्ष का है। वह अपने कुकृत्यों के कारण बुढ़ापे के दिन जेल में काटेगा।

    घटना के बाद वह फरार हो गया था मगर, फोटो से पहचान हुई थी। पीड़ित बच्ची ने बयान दिया था कि ''बाबा'' जैसे आदमी ने गंदा काम किया।

    इसी आधार पर उसे गांव के तीन दर्जन से ज्यादा बुजुर्गों के फोटो दिखाए गए थे। उसने जुगेंद्र के फोटो पर हाथ रखा था। उसकी गिरफ्तारी हुई तो सच स्वीकार लिया था।

    पांच मई 2025 को बच्ची अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने गांव आई थी। वह अन्य बच्चों के साथ नाच रही थी, उसी दौरान जुगेंद्र बहाने से खेत की ओर बुलाकर ले गया। उसने बच्चे से दुष्कर्म किया, फिर फरार हो गया था।

    रात 11 बजे खून से लथपथ बच्ची घर स्वजन के पास पहुंची तब घटना की जानकारी हुई थी। रात में पुलिस गांव पहुंची और बच्ची को राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। उसके कपड़े मिट्टी व खून से सने हुए थे। वह पूरी रात बदहवास थी। वह सिर्फ एक ही वाक्य दोहरा रही थी कि बाबा ने गंदा काम किया।

    अगले दिन उसकी मानसिक स्थिति में थोड़ा सुधार होने पर पुलिस ने दस किमी. क्षेत्र में रह रहे बुजुर्गों के फोटो दिखाए। जुगेंद्र की पहचान करते ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

    पुलिस ने उसके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की और कोर्ट में शीघ्र सुनवाई शुरू कर दी गई। बुधवार को विशेष लोक अभियोजक दीप कुमार गुप्ता ने कहा कि दोषी जुगेंद्र ने गंभीर अपराध किया है।

    उसे कठोर सजा दी जाए ताकि समाज में संदेश जाए, विधि का शासन स्थापित हो सके। कोर्ट ने जुगेंद्र को पॉक्सो, दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 20 वर्ष कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

    17 दिन में विवेचना, दस माह में सजा

    बच्ची के साथ हुई इस घटना में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के साथ 17 दिन के अंदर विवेचना पूरी करते हुए 22 मई को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। इसके बाद सुनवाई शुरू हुई। दस माह के अंदर न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए दोषी जुगेंद्र को सजा सुनाई।

    30 वर्ष से ननिहाल में रह रहा था जुगेंद्र

    गढ़िया रंगीन के बिरियागंज निवासी जुगेंद्र राज मिस्त्री था। 30 साल पहले मामा का निधन होने पर वह ननिहाल आ गया। यहां मामी से शादी कर ली। पांच वर्ष पूर्व पत्नी का निधन हो जाने पर जोगी बनकर गांव में घूमने लगा।

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