Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    प्यार में बाधक बनी मां तो बेटी ने प्रेमी संग मिलकर मार डाला, आरोपी PWD के AE और लड़की को उम्रकैद

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 08:27 PM (IST)

    शाहजहांपुर में एक बेटी और उसके प्रेमी को अपनी मां की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। बेटी का पीडब्ल्यूडी के एई के साथ प्रेम संबंध था जिसका मां ने विरोध किया था। 27 जुलाई की रात प्रेमी ने लोहे की रॉड से हमला कर मां की हत्या कर दी और चेहरे पर तेजाब भी डाला। पुलिस जांच में दोनों दोषी पाए गए।

    Hero Image
    बुजुर्ग महिला की हत्या में पीडब्ल्यूडी के एई व प्रेमिका को उम्रकैद।

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जिस मां ने नौ माह तक गर्भ में रखा। दूसरों के घरों में काम करके पाला पोसा। वही बेटी पीडब्ल्यूडी के एई के साथ प्रेेम संबंधों में मां की ममता और त्याग को भुला बैठी। उसने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी ही मां की हत्या कर दी। उनके चेहरे व शरीर पर तेजाब भी डाल दिया। सुरक्षित समझे जाने वाले डीएम कंपाउंड में दो वर्ष पूर्व हुई इस घटना के लिए अपर जिला जज आशीष वर्मा ने दोनों काे उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हरदोई के मझिला क्षेत्र कंदरा गांव निवासी रामबेटी पति के निधन के बाद अधिकारियों के आवास पर खाना बनाने लगी थीं। उनकी बेटी पुष्पा पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता राकेश कुमार के आवास पर काम करती थी। राकेश शादीशुदा था, लेकिन अपनी पत्नी पिंकी से विवाद के कारण अलग रहता था।

    इस बीच उसकी पुष्पा से नजदीकी बढ़ने लगीं, जिसका पता चलने पर रामबेटी ने विरोध शुरू कर दिया। 27 जुलाई की रात वह जब पुष्पा से मिलने गया तो रामबेटी ने नाराजगी जतायी। जिसको लेकर पुष्पा ने उनसे झगड़ा किया। उसके बाद राकेश को फोन करके रात में ही निपटारा करने के लिए कहा।

    कुछ देर बाद वहां पर राकेश फिर से वहां पहुंचा तो उसके पास लोहे की राड थी, जिससे उसने घर में सो रहीं रामबेटी के ऊपर ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। उनके चेहरे व शरीर पर तेजाब डाल दिया। पुष्पा ने भी इसमें उसका सहयोग किया। घटना के अगले दिन उसने पड़ाेस में रहने वाली महिला व एक ठेकेदार पर मां की हत्या का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस की जांच में पुष्पा व राकेश की लोकेशन घटनास्थल के पास मिली थी।

    तीन महीने तक जांच चली, जिसमें पूरी सच्चाई सामने आ गई। 17 अक्टूबर को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन बाद में दोनों जमानत पर बाहर आ गए थे। जिसके बाद से मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष त्रिपाठी ने इस कृत्य के लिए दोनों को कठोर से कठोर सजा की मांग की।

    उनके तर्क व साक्ष्यों के आधार पर पुष्पा व राकेश के दोष सिद्ध साबित होने पर अपर जिला जज आशीष वर्मा ने सजा सुनाई। राकेश लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड एक में तैनात था।

    उसे बरेली में भी अतिरिक्त चार्ज दिया गया था, लेकिन विभागाध्यक्ष के अनुमोदन के बिना उसे बरेली में भी अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया था। इस मामले में जुलाई में विभागाध्यक्ष ने चार्ज के आदेश को निरस्त करते हुए चीफ इंजीनियर बरेली से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।