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    यूपी के किसानों के लिए वरदान बना मौसम, छप्परफाड़ मुनाफे की आस

    Updated: Thu, 22 Jan 2026 09:25 PM (IST)

    शामली के जलालाबाद क्षेत्र में इस वर्ष सरसों की फसल निरोगी है और 'अल रोग' से मुक्त है। अनुकूल मौसम के कारण फूल और फलियां स्वस्थ हैं, जिससे किसानों को अ ...और पढ़ें

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    संवाद सूत्र, जलालाबाद (शामली)। कस्बा क्षेत्र में सरसों की फसल निरोगी होने से किसानों को इस बार तो उत्पादन बढ़ने की आशा है। अल रोग इस बार फसल में नहीं है। सरसों के पौधों पर फूल व फलिया स्वस्थ हैं।

    सरसों की फसल किसानों के लिए घरेलू तेल की आपूर्ति करने के साथ आय का साधन है। कम सिंचाई, कम लागत में फसल की पैदावार हो जाती है। गत वर्ष सरसों फसल में अल रोग आने से उत्पादन में कमी आई थी। इस बार सरसों की फसल का मौसम साथ दे रहा है।

    किसान अशोक, बृजेश, रकम सिंह, यासीन, रमेश ने बताया कि सरसों की फसल गत वर्ष की तुलना में किसानों ने अधिक बुवाई की है। सरसों की फसल की पैदावार में किसान को कम सिंचाई, कम लागत खर्च करनी होती है।

    सरसों का मूल्य फसल में किसानों को अधिक प्राप्त करता है। इसलिए किसानों का मोह सरसों की फसल की पैदावार की ओर हो रहा है। छोटी जोत के किसानों के लिए सरसों की फसल लाभकारी है। जहां पर सिंचाई की अधिक उपलब्धता नहीं होती है। वहां पर भी सरसों की फसल पैदा हो जाती है।

    इस बार सरसों के पौधों पर आधे फूल व आधे भाग पर फलिया लद रही है। सरसों की फसल में सल्फर का छिड़काव लाभकारी होता है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि सरसों की फसल में रोग न होने से उत्पादन अधिक होने की आशा है।


    कृष्ण कुमार वत्स, जलालाबाद