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    कीटनाशकों का खर्चा होगा Zero! यूपी के गन्ना किसानों की किस्मत बदल देगी ये नई योजना

    Updated: Tue, 27 Jan 2026 08:25 PM (IST)

    कृषि विभाग और ऊन शुगर मिल ने गन्ना किसानों के लिए सोलर लाइट ट्रैप योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना और अर्ली शूट ...और पढ़ें

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    उदयवीर सिंह, चौसाना। गन्ना किसानों को कीटों से राहत दिलाने और रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से कृषि विभाग और ऊन शुगर मिल ने सोलर लाइट ट्रैप योजना शुरू की है। इसके तहत ऊन ब्लाक में सौ सोलर लाइट ट्रैप मंगाए गए हैं, जिन्हें किसानों को ट्रायल के लिए दिया जाएगा। इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि एक लाइट ट्रैप कितनी भूमि में प्रभावी रूप से कीट नियंत्रण कर सकता है।

    सोलर लाइट ट्रैप आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है, जिससे गन्ने में लगने वाले अर्ली शूट बोरर और टाप बोरर जैसे खतरनाक कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। सोलर लाइट ट्रैप की कीमत 631 रुपये रखी गई है, जिसमें 431 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी की यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

    कृषि विभाग के साथ-साथ ऊन शुगर मिल भी गन्ना किसानों को लाइट ट्रैप सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है। मिल की ओर से गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रम चलाकर किसानों को इसके लाभ और उपयोग की जानकारी दी जा रही है। ऊन शुगर मिल के सहायक महाप्रबंधक संतोख सिंह सिद्धू ने बताया कि बेहतर परिणाम के लिए एक एकड़ गन्ना फसल में कम से कम पांच लाइट ट्रैप लगाए जाने चाहिए।

    इन्हें गन्ने की फसल से लगभग एक फुट की ऊंचाई पर लगाना चाहिए। रात के समय ट्रैप की रोशनी से उड़ने वाले कीट आकर्षित होकर नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया गन्ने को लाल सड़न रोग से बचाने के लिए शुगर मिल की ओर से फंगीसाइड और ट्राइकोडरमा भी सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसानों को रोग नियंत्रण में भी राहत मिल सके ।

    सोलर लाइट ट्रैप लगाने की विधि
    सोलर लाइट ट्रैप को गन्ने की फसल में जमीन से लगभग एक फुट की ऊंचाई पर मजबूत डंडे या स्टैंड के सहारे लगाया जाता है। ध्यान रहे कि ट्रैप के आसपास पत्तियां या झाड़-झंखाड़ न हों, ताकि रोशनी चारों ओर फैल सके। एक एकड़ खेत में औसतन पांच लाइट ट्रैप लगाना सबसे अधिक प्रभावी माना गया है। इन्हें खेत के कोनों और बीच-बीच में समान दूरी पर लगाना चाहिए।

    कितने समय में चार्ज होगा सोलर लाइट ट्रैप

    सोलर लाइट ट्रैप दिन में सूरज की रोशनी से चार्ज होता है। सामान्य धूप में यह लगभग छह से आठ घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाता है। बादल या हल्की धूप होने पर चार्ज होने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है, लेकिन फिर भी यह काम करने योग्य चार्ज ले लेता है।

    एक बार चार्ज होने पर इतने समय तक करेगा काम

    पूरी तरह चार्ज होने के बाद सोलर लाइट ट्रैप रात में आठ से 10 घंटे तक लगातार काम करता है। शाम होते ही यह अपने आप चालू हो जाता है, और सुबह रोशनी होने पर खुद ही बंद हो जाता है। इससे किसानों को इसे रोज चालू-बंद करने की झंझट नहीं रहती।

    सामान्य लाइट ट्रैप ऐसे करता है काम

    सामान्य लाइट ट्रैप बिजली या बैटरी से चलता है। रात में इसकी रोशनी से उड़ने वाले कीट आकर्षित होकर ट्रैप की ओर आते हैं और उसमें लगे जाल या ट्रे में गिरकर नष्ट हो जाते हैं। यह भी कीट नियंत्रण का सस्ता और कारगर तरीका माना जाता है।

    एडीओ एग्रीकल्चर ऊन संजय कुमार ने बताया कि ऊन ब्लाक के लिए सरकार द्वारा सौ सोलर लाइट ट्रैप सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह ट्रैप दिन में सूरज की रोशनी से चार्ज होकर रात में आठ से 10 घंटे तक काम करता है। इसके उपयोग से किसानों को कीटनाशकों से काफी हद तक राहत मिलेगी, लागत घटेगी और गन्ने की पैदावार व गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।