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    शामली में PNB में लोन के नाम पर ₹15 लाख की धोखाधड़ी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 11:36 PM (IST)

    शामली में पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक और एक एजेंट पर 15 लाख रुपये के ऋण धोखाधड़ी का आरोप लगा है। जिसके बाद एसपी के आदेश पर तीन लोगों के खिल ...और पढ़ें

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    संवाद सूत्र, जागरण, शामली। पंजाब नेशनल बैंक शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने एजेंट के साथ मिलकर एक व्यक्ति के नाम पर 15 लाख रुपये का लोन पास किया और उसे केवल साढ़े चार लाख रुपये ही थमाए। बैंक का नोटिस मिलने के बाद पीड़ित को ऋण के बारे में जानकारी हुई। पीड़ित ने इस प्रकरण में एसपी को प्रार्थना-पत्र दिया था। इसके बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

    जलालाबाद के गांव दखोड़ी जमालपुर निवासी रामकुमार ने बताया कि 2021 में उसे व्यापार के लिए रुपयों की आवश्यकता थी, जिसके लिए वह जलालाबाद स्थित पंजाब नेशनल बैंक में लोन के लिए बातचीत करने पहुंचे थे। शाखा प्रबंधक ने ऋण के लिए बहुत-सी जटिल प्रक्रियाएं बताई, जिसके चलते वह बैंक से बाहर जाने लगे।

    इस दौरान बैंक के अंदर से राजीव निवासी गांव उमरपुर उसके पीछे आया और रोकते हुए कहा कि मैं उसका ऋण पास करा दूंगा। इसके बाद राजीव कागजात के साथ रामकुमार को लेकर बैंक मैनेजर के पास गया। वहां शाखा प्रबंधक ने रामकुमार से कहा कि राजीव को सभी प्रक्रियाएं पूरी करा दो।

    इसके बाद रामकुमार ने अपने सभी दस्तावेज राजीव को उपलब्ध करा दिए। आरोप है कि छह महीने तक वह बैंक के चक्कर काटता रहा, लेकिन ऋण स्वीकृत नहीं हो सका। छह महीने बाद राजीव उसके घर आया और बताया कि उसका लोन पास हो गया है। उसने रामकुमार को नकद में चार लाख 50 हजार रुपये दिए और लोन की मासिक किस्त जमा करने को कहा।

    रामकुमार ने राजीव से सवाल किया कि यदि बैंक से लोन हुआ है, तो पैसा खाते में क्यों नहीं आया, मुझे नकद क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने लोन लेने से मना कर दिया, लेकिन एजेंट राजीव ने उसकी बात नहीं सुनी। हालांकि बाद में वह रुपये वापस ले गया था। इसके बाद 2023 में रामकुमार को बैंक से एक नोटिस मिला, जिसमें उनके नाम पर 15 लाख रुपये का लोन बताया गया।

    इसके बाद एक रिकवरी एजेंट उनके घर पहुंचा और सात-आठ किस्तें जमा होने का दावा करते हुए 15 लाख रुपये की वसूली की मांग करने लगा। रामकुमार का कहना है कि उन्होंने 15 लाख रुपये का कोई लोन नहीं लिया है। पीड़ित ने इस संबंध में एसपी को प्रार्थना-पत्र दिया था।

    एसपी के आदेश पर पुलिस ने जांच करने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक, एजेंट राजीव पुत्र बिजेंद्र निवासी गांव उमरपुर, रिकवरी एजेंट निवासी थानाभवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है।

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