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    वाहन चोरी के क्लेम में की टालमटोल, बीमा कंपनी पर लगा 16.60 लाख का जुर्माना; यह था मामला

    By Abhishek Kaushik Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 10 May 2026 02:01 PM (IST)

    शामली उपभोक्ता आयोग ने वाहन चोरी के क्लेम में देरी पर न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पर 16.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी को 45 दिनों के भीतर ...और पढ़ें

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    (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता, शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा क्लेम के भुगतान में लापरवाही बरतने और सेवा में कमी करने पर द न्यू इंडिया इंश्योरेंस बीमा कंपनी पर 16.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया कि 45 दिवस के भीतर यह धनराशि आयोग में जमा करनी होगी, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    जिले के गांव खेड़ीकरमू निवासी बबीता पत्नी मदनपाल ने 26 सितंबर 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। इसमें उपभोक्ता ने अवगत कराया कि उसका का एक मोटर वाहन कंटेनर बीमा कंपनी से बीमित था, जिसकी वैधता 29 मार्च 2019 तक थी। दुर्भाग्यवश, 27 जुलाई 2018 को यह वाहन शामली से चोरी हो गया। इस संबंध में शामली पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज कराई गई थी।

    बताया कि पुलिस द्वारा वाहन की तलाश करने के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला तो अप्रैल 2019 में अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। उपभोक्ता बबीता ने बीमा राशि के लिए कंपनी के खतौली और मुजफ्फरनगर कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाए, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा सहयोग करने के बजाय टालमटोल की जाती रही। अंत में थक-हारकर उपभोक्ता ने आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने सदस्य अमरजीत कौर एवं अभिनव अग्रवाल की मौजूदगी में सुनवाई की। इसमें आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने सेवा प्रदान करने में गंभीर लापरवाही बरती है।

    आयोग के अध्यक्ष ने आदेश दिया कि कंपनी को 13.50 लाख की राशि क्लेम प्रस्तुति की तिथि से अंतिम भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ देनी होगी। साथ ही, क्षतिपूर्ति के दो लाख और अर्थदंड के एक लाख रुपये और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये भी देय होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि 45 दिनों के भीतर इस आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कंपनी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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