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    अग्रवाल नर्सिंग होम और द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पर ₹23.60 लाख का जुर्माना, प्रसूता के ऑपरेशन में की थी लापरवाही

    Updated: Thu, 05 Feb 2026 01:49 AM (IST)

    शामली जिला उपभोक्ता आयोग ने अग्रवाल नर्सिंग होम को प्रसूता के ऑपरेशन में घोर लापरवाही का दोषी पाया। नर्सिंग होम और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को पीड ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अग्रवाल नर्सिंग होम को प्रसूता के ऑपरेशन के दौरान घोर लापरवाही बरतने का दोषी करार दिया। इसके बाद विपक्षी नर्सिंग होम व द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से पीड़िता को 23 लाख 60 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।

    कैराना निवासी शैली पत्नी अंकित शर्मा ने 26 नवंबर 2021 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। इसमें शैली ने बताया कि वह 31 अगस्त 2021 को पति के साथ बोहरा नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड कराने गई थी। चिकित्सक ने बताया कि डिलीवरी का समय हो चुका है और किसी अच्छे जच्चा बच्चा केंद्र पर जाकर प्रसव कराना चाहिए। उसी दिन वे अग्रवाल नर्सिंग होम संचालिका डॉ. मंजू अग्रवाल से मिले।

    उन्होंने बच्चे की हालत ठीक न होने का हवाला देते हुए तुरंत आपरेशन करने के लिए कहा। डॉक्टर की देखरेख में ऑपरेशन किया गया। इसके लिए 60 हजार रुपये फीस तय हुई। ऑपरेशन के बाद उन्होंने एक पुत्री को जन्म दिया, लेकिन अगले ही दिन से उनकी हालत बिगड़ने लगी। दवा देकर आराम करने को कहा।

    चिकित्सक बहन चारु शर्मा की सलाह पर सीटी स्कैन कराया, जिस पर नर्सिंग होम के कर्मचारियों ने अभद्रता करते हुए जबरन बाहर निकाल दिया। विपक्षी ने अतिरिक्त दो लाख रुपये वसूलने के बाद बमुश्किल रेफर स्लिप बनाई, लेकिन केस हिस्ट्री देने से इन्कार कर दिया। पीड़िता को गंभीर स्थिति में दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल ले जाया गया, तो वहां के डॉक्टरों ने सीसीटी टेस्ट में पाया कि ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से उसकी आंत काट दी गई थी जिससे पेट में गंभीर संक्रमण हो गया।

    शैली दो माह अस्पताल में भर्ती रही। लापरवाही के कारण पीड़िता आज भी बिस्तर पर है और मल-मूत्र त्याग के लिए नली और थैली लगी हुई है। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सदस्य अमरजीत कौर एवं अभिनव अग्रवाल की मौजूदगी में माना कि विपक्षी ने न केवल आपरेशन में त्रुटि की, बल्कि उसके बाद उचित देखभाल न करके पीड़िता के जीवन को संकट में डाला है।

    आयोग ने स्पष्ट किया कि 18 लाख 50 हजार रुपये पीड़िता को इलाज में हुए खर्च के दिए जाएं। वहीं मातृत्व सुख से वंचित होने की क्षतिपूर्ति प्रसूता और नवजात को मातृत्व स्नेह से वंचित रहने के लिए दो लाख रुपये, मानसिक व शारीरिक कष्ट के लिए तीन लाख रुपये एवं 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में दिए जाएं।

    आयोग ने स्पष्ट किया कि कुल राशि में से पांच लाख रुपये बीमा कंपनी वहन करेगी और शेष राशि विपक्षी अग्रवाल नर्सिंग होम निकट एमएसजी रोड गुरुद्वारा द्वारा दी जाएगी। इसमें चेतावनी दी कि गई यदि 45 दिन के भीतर धनराशि जमा न कराई तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।