यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर 72 घंटे से गेहूं लदे वाहनों के साथ क्यों खड़े हैं किसान? प्रशासन के एक आदेश ने बढ़ाई टेंशन
यूपी-हरियाणा सीमा पर किसानों के गेहूं से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली 72 घंटे से अधिक समय से फंसे हैं। ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, बिड़ौली (शामली)। यूपी-हरियाणा सीमा पर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों के गेहूं से भरे ट्रैक्टर-ट्राली पर अस्थायी रोक बरकरार है। इस कारण किसान 72 घंटे से अधिक समय से बार्डर पर अपने वाहनों समेत खड़े हैं, और आगे बढ़ने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
डीसी करनाल आनंद कुमार शर्मा ने 17 अप्रैल को आदेश जारी कर मेरठ-करनाल हाईवे स्थित बिड़ौली बार्डर और शेरगढ़ बार्डर पर उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले किसानों के अनाज वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई है। ड्यूटी पर सेक्टर मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है।
बार्डर पर फंसे किसानों में शासन की नीतियों को लेकर रोष है। किसानों का कहना है कि वे केवल मंडियों में अनाज बेचने के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी हरियाणा की ओर जाना चाहते हैं। कुछ किसानों को अपने रिश्तेदारों के यहां अनाज पहुंचाना है, जबकि कई किसान निजी फ्लोर मिल और आटा चक्कियों तक अनाज ले जाना चाहते हैं।
वहीं कुछ किसानों को हरियाणा से होकर पंजाब और चंडीगढ़ की ओर आगे निकलना है।किसान जयप्रकाश निवासी जैनपुर, रजत चौधरी , धीरेंद्र सिंह शमशाद निवासी फतेहपुर तथा अमित कुमार निवासी अबदान नगर ने बताया कि प्रशासन बिना स्थिति को समझे सभी किसानों को एक ही श्रेणी में रखकर रोक रहा है।
किसानों का कहना है कि वे पिछले कई घंटों से सड़क किनारे भूखे-प्यासे खड़े हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से अब तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या जानने नहीं आया है। किसानों ने यह भी कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार क्षेत्र में पर्याप्त मंडियां और खरीद केंद्र स्थापित कर दें, तो उन्हें दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता ही न पड़े।
वर्तमान में सहकारी समितियों पर गेहूं की तौल की प्रक्रिया इतनी धीमी है कि पूरे दिन में मुश्किल से एक किसान का अनाज ही तौला जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि इस गति से सभी किसानों का अनाज तौलने में कई महीने, यहां तक कि छह महीने से अधिक समय लग सकता है, जो किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। उधर हरियाणा के करनाल से मनजीत कुमार चौकी इंचार्ज मंगलौरा ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से जो आदेश प्राप्त हुए हैं, वे उसी का पालन कर रहे हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।