Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    UP Police Encounter: सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के आरोपी मुठभेड़ में ढेर, एसटीएफ ने किया एनकाउंटर

    Updated: Thu, 07 Aug 2025 09:42 AM (IST)

    सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। मारे गए बदमाशों की पहचान संजय तिवारी और राजू तिवारी के रूप में हुई जिन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनके पास से हथियार भी बरामद किए हैं। मुठभेड़ पिसावां थाना क्षेत्र में हुई।

    Hero Image
    सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के आरोपी मुठभेड़ में ढेर

    जागरण संवाददाता, सीतापुर। करीब पांच माह बाद दैनिक जागरण के महोली के पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेयी के दो हत्यारोपितों को पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुरुवार  सुबह मुठभेड़ में ढेर कर दिया। 

    गोली लगने से  घायल बदमाशों  को सीएचसी पिसावां लाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां मृत घोषित कर दिया गया। महोली के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की आठ मार्च को सीतापुर- बरेली हाईवे पर हेमपुर रेलवे ओवरब्रिज पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।राघवेन्द्र  को  चार  गोली  लगी थी। 

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस और एसटीएफ की पांच टीम पिसावां थाना क्षेत्र में चेकिंग कर थीं। महोली-पिसावां मार्ग पर दूल्हापुर तिराहे के पास बाइक सवार दो युवक निकले। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। 

    इस पर पुलिस पर बाइक सवार फायरिंग करने लगे। जवाबी फायरिंग में युवकों के गोली लगी। पहचान मिश्रिख के गांव अटवा के संजय तिवारी उर्फ अकील और राजू तिवारी  उर्फ रिजवान के रूप में हुई। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों को इलाज के जिला अस्पताल भेजा गया था, जहां मौत  हो  गई हो गई।

    एसपी ने बताया कि दोनों पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में शामिल थे। दोनों पर पहले से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। दोनों के पास से एक कार्बाइन व एक पिस्टल बरामद हुआ है।

    34 दिन बाद पुलिस ने किया था अनावरण

    घटना के 34 दिन बाद 10 अप्रैल को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने घटना का अनावरण किया था। इसमें एक मंदिर के कथित पुजारी विकास राठौर उर्फ शिवानंद, निर्मल सिंह और असलम गाजी को जेल भेजा गया था। 20 मई को पुलिस ने प्रकरण की जांच को एसआईटी का गठन  किया था।