सोनभद्र रिहंद बांध के फाटक फिर खुले, फाटक को 15 फीट तक खोलकर पानी का डिस्चार्ज शुरू
सोनभद्र के रिहंद बांध का जलस्तर बढ़ने से जल संसाधन विभाग ने चौथी बार फाटक खोला है जिससे 20 हजार क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। वर्तमान में जलस्तर 869.4 फीट है। सिंचाई विभाग जलस्तर पर नज़र रख रहा है और बारिश की स्थिति के अनुसार डिस्चार्ज बढ़ाया जा सकता है।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र। प्रदेश के सबसे बड़े रिहंद बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण एक बार फिर फाटक खोलने का निर्णय लिया गया है। जल संसाधन विभाग ने फाटक को 15 फीट तक खोलकर पानी का डिस्चार्ज शुरू कर दिया है। यह इस वर्ष चौथी बार है जब फाटक खोले गए हैं।
वर्तमान में बांध का जलस्तर 869.4 फीट दर्ज किया गया है, जो कि लगातार इनफ्लो के कारण 869 फीट से ऊपर स्थिर है। बाँध से लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है, जिसमें लगभग 300 मेगावाट बिजली उत्पादन से निकलने वाला पानी और फाटक खोलने से छोड़ा गया पानी शामिल है।
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इस वर्ष रिहंद बाँध के फाटक पहले तीन बार खोले जा चुके हैं। पहली बार जुलाई के अंतिम सप्ताह में, दूसरी बार अगस्त के पहले सप्ताह में और तीसरी बार पिछले सप्ताह भारी बारिश के चलते फाटक खोलने पड़े थे। अब चौथी बार गुरुवार को फाटक खोले जाने के बाद शुक्रवार तक लगातार पानी का डिस्चार्ज किया गया।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर पर लगातार नज़र रखी जा रही है। बारिश और इनफ्लो की स्थिति के अनुसार ही आगे डिस्चार्ज की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बारिश की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो डिस्चार्ज की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है।
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रिहंद बांध का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलाशयों के आसपास जाने से बचें।
इस वर्ष मौसम विभाग ने भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है। ऐसे में विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना किया जा सके।
बांध के जलस्तर की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार स्थिति का आकलन करेंगी। विभाग ने यह भी कहा है कि जलस्तर में वृद्धि के साथ ही बिजली उत्पादन में भी वृद्धि की जा सकती है, जिससे क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता में सुधार होगा।
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