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    Uttar Pradesh में लगभग 100 द‍िन बाद दस्‍तक देगा मानसून, इस द‍िन से प्रदेश में दस्‍तक देते हैं मानसूनी बादल

    By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
    Updated: Mon, 09 Mar 2026 01:52 PM (IST)

    Monsoon 2026 : मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मानसून लगभग 100 दिनों बाद, 20 जून के आसपास सोनभद्र के रास्ते दस्तक देगा। इस दौरान गर्मी बढ़ेगी औ ...और पढ़ें

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    मानसून पहले पूर्वांचल में सक्रिय होगा, फिर लखनऊ की ओर बढ़ेगा।

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    जागरण संवाददाता, वाराणसी। मौसम व‍िभाग की ओर से अब गर्मी के मौसम की शुरूआत होने की जानकारी लगातार अपडेट की जा रही है। जल्‍द ही मौसम व‍िभाग आगामी मानसून को लेकर अनुमान भी जाह‍िर करने जा रहा है। उम्‍मीद है जल्‍द ही मानसूनी सक्र‍ियता को लेकर जो भी अनुमान सामने आए लेक‍िन आप जान लीज‍िए कि अनुमान‍ित तौर पर अब मानसून उत्‍तर प्रदेश में लगभग सौ द‍िन या तीन माह दस द‍िन की दूरी पर है। इसके बाद पूर्वांचल में मानसूनी सक्र‍ियता नजर आने लगेगी। 

    दरअसल मौसम वि‍भाग की ओर से अनुमान‍ित तौर पर प्रदेश में मानसून के एंट्री का अनुमान‍ित समय बीस जून है। ल‍िहाजा लगभग सौ द‍िन की दूरी इस त‍िथ‍ि के बीच शेष है। इस लि‍हाज से सौ द‍िनों तक सूरज का ताप और पुरवा का जोर ही नहीं बल्‍क‍ि आर्द्रता में इजाफा भी मानसूनी सक्र‍ियता को बल देगा। अमूमन बीस जून के आसपास मानसून पूर्वांचल में सोनभद्र ज‍िले के रास्‍ते दस्‍तक देता है। इसके पूर्व सोनभद्र के खोड़वा पहाड़ पर बादल मंडराते हैं तो स्‍थानीय लोग भी खेती की ओर रुख करते हैं। 

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    वर्ष 2025 में मानसून की कुछ इस तरह थी चाल। स्रोत : आइएमडी

    मौसम व‍िभाग के अनुमानों के इर्द ग‍ि‍र्द ही मानसूनी सक्र‍ियता मध्‍य जून के ठीक बाद पूर्वांचल में नजर आता है। मौसम का रुख ज‍िस प्रकार इन द‍िनों गर्मी की ओर हो चला है और गर्मी के बीच ही मौसमी रुख जल्‍द ही लू के थपेड़ों की ओर संकेत देने लगा है तो लोगों के मन में सहज ज‍िज्ञासा का भाव है क‍ि आख‍िर इस साल अब तक बूंदाबांदी भी ढंग से नहीं हुई है तो मानसून आख‍िर कब तक पूर्वांचल में दस्‍तक देगा। बीते वर्ष बीस जून के पूर्व ही सोनभद्र के रास्‍ते पूर्वांचल में और प्रदेश में दस्‍तक दे चुका है। 

    पांच वर्ष में कई बार बीस जून के अनुमान‍ित समय के पूर्व और बाद में भी मानसूनी सक्र‍ियता हो चुकी है। ऐसे में मानसून का अनुमान‍ित समय दस मार्च से सौ द‍िन ही मानकर चलना उचि‍त होगा। हालांक‍ि इसके बीच में भी लोकल हीट‍िंंग और स्‍थानीय फैक्‍टर पूर्वांचल में बूंदाबांदी और अंधड़ के साथ ओलावृष्‍ट‍ि करवा सकते हैं। अमूमन अप्रैल और मई माह में य‍ह स्‍थ‍ित‍ि पूर्वांचल में बनती है और बादल मानसून के पूर्व भी बार‍िश कराते हैं। जबक‍ि मई माह के अंत में नौतपा के ठीक बाद जून माह के पहले पखवारे में प्री मानसूनी पर‍िस्‍थ‍ित‍ियां सक्र‍िय होकर बूंदाबांदी कराती है। ल‍िहाजा माना जा रहा है कि इन सौ द‍िनों के बीच भी बादलों की मेहरबानी हो सकती है।

    जबक‍ि सौ द‍िन के बाद मानसूनी सक्र‍ियता का दौर शुरू होगा और मानसूनी बादल उत्‍तर प्रदेश में सोनभद्र के रास्‍ते प्रवेश करेंगे और पूर्वांचल में सबसे पहले मानसूनी बार‍िश कराने के बाद प्रदेश की राजधानी लखनऊ की ओर रुख करेंगे। माना जाता है क‍ि एक जून को देश में मानसून केरल और तम‍िलनाडु के रास्‍ते प्रवेश करते हुए आगे बढ़ता है। जबक‍ि जून माह के अंत तक समूचा पूर्वांचल का क्षेत्र मानसूनी सक्र‍ियता की जद में आ जाता है।

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